"No Bill No Payment" कानून को विक्रेताकी और से मिला जबरदस्त प्रतिसाद /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
मुंबई, / रिपोर्ट स्पर्श देसाई,
रेलवे विभाग की ओर से जो नई योजना नो बिल नो पेमैंट लागु की गई हैं, उसे स्टोल्स विक्रेताओं की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद दिया हैं ।
विक्रेताओं के जरिए दिये जाने बिल में करीब 60 प्रश का उछाल देखा गया था ।
9,जुलाई को लागु की गई इस योजना के तहत पहले दिन ग्राहकों को 50 हजार बिल दिए गए थे । जो सप्ताह के आखिर में यह संख्या बढ़कर 80,500 के उपर पहुंच गई थी ।
पूरे सप्ताह में विक्रेताओं के जरिए अपने ग्राहकों को करीब 6 लाख के बिल दिए गए थे ।
ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य कानून बना दिया हैं । जो बिल नहीं देता उस विक्रेताओं को पेमैंट करना जरूरी नहीं हैं ।
गौरतलब हैं कि ग्राहकों के जरिए की गई फरियाद की स्टोल्स विक्रेताओं हर चीजों पर मनमानी करके दाम वसूल कर रहे हैं तो रेल विभाग ने यह कानून लागू कर दिया, ताकि विक्रेता लोग अपनी मनमानी ना कर शके ।
मुंबई के प.रे.के 6 डिवीजनों में 9,जूलाई को करीब 27 हजार बिल दिए, जबकि 16 जूलाई को करीब 50 हजार बिल ग्राहकों को दिए । इसका मतलब यह हुआ कि बिल देने में करीब 83 प्रश का उछाल आया ।
अहमदाबाद डिवीजन में पहले दिन 9,जुलाई को करीब 4050 बिल दिए गए,जो 18 जूलाई को वो संख्या साड़े छः हजार पर पहुंच गई थी । जो पहले दिन की तुलना में 38 प्रश ज्यादा हैं ।
बरोड़ा की बात देखें तो पहले दिन करीब 8 हजार बिल दिए गए, जो सप्ताह के अंत में बढ़कर करीब 10 हजार पर पहुंच गया । जो 22 प्रश ज्यादा हैं ।
इसी तरह राजकोट डिवीजन में पहले दिन एक हजार और आखरी दिन एक हजार नौ सो तक पहुंचे थे ।
भावनगर डिवीजन में पहले दिन सब से ज्यादा 170 प्रश का उछाल देखा गया था ।
रतलाम डिवीजन में आठ हजार बिल की संख्या बढ़ कर आखिर में 13,000 पर करीब पहुंच गई थी ।
अब स्टोल्स विक्रेताओं ने खुद अपने ही स्टोलों पर "नो बिल नो पेमैंट" के पोस्टर चिपका दिए हैं ।
रिपोर्ट स्पर्श देसाई √• Metro City Post News Channel•के लिए..
