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*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) ईरान-अमेरिका संघर्ष पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने अमेरिका की रणनीति पर उठाए सवाल। बर्लिन में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सोमवार को एक कड़ा बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मौजूदा रणनीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दिशाहीन करार दिया। चांसलर मर्ज़ के बयान के मुख्य अंश देखें तो चांसलर मर्ज़ ने न केवल अमेरिका की युद्ध नीति पर सवाल उठाए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी है। ऐसे में रणनीति का अभाव सामने आया। मर्ज़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए क्या योजना बना रहा है। उनके अनुसार अमेरिका के पास इस युद्ध से सुरक्षित बाहर निकलने का कोई स्पष्ट एग्जिट प्लान नहीं दिख रहा है। ईरान की बढ़ती ता...

*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) ईरान-अमेरिका संघर्ष पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने अमेरिका की रणनीति पर उठाए सवाल। बर्लिन में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सोमवार को एक कड़ा बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मौजूदा रणनीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दिशाहीन करार दिया। चांसलर मर्ज़ के बयान के मुख्य अंश देखें तो चांसलर मर्ज़ ने न केवल अमेरिका की युद्ध नीति पर सवाल उठाए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी है। ऐसे में रणनीति का अभाव सामने आया। मर्ज़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए क्या योजना बना रहा है। उनके अनुसार अमेरिका के पास इस युद्ध से सुरक्षित बाहर निकलने का कोई स्पष्ट एग्जिट प्लान नहीं दिख रहा है। ईरान की बढ़ती ता...

*अमेरिका ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिराया? जानिए भू-राजनीति,न्यूक्लियर टैबू और तीसरे विश्व युद्ध की पूरी सच्चाई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*अमेरिका ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिराता? जानिए भू-राजनीति,न्यूक्लियर टैबू और तीसरे विश्व युद्ध की पूरी सच्चाई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई))अमेरिका सीधा ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिरा देता?ये सवाल आपके दिमाग में भी जरूर आया होगा। अभी कुछ दिनों पहले ही पूरी दुनिया को लगा था कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने ही वाला है। इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर एक बहुत बड़ा हमला किया लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं था। सोचिए अमेरिका के पास दुनिया की सबसे खतरनाक और हाईटेक फौज है साथ ही 5000 न्यूक्लियर बम है लेकिन फिर भी वो चाहकर भी ईरान का कुछ नहीं उखाड़ पा रहा तो भाई अगर बात इतनी ही बिगड़ चुकी थी तो अमेरिका ने एक न्यूक्लियर बम गिराकर खेल ही खत्म क्यों नहीं कर दिया? तो आखिर वो क्या मजबूरी है जो एक सुपर पावर को न्यूक्लियर अटैक करने से रोक रही है? क्या अमेरिका ईरान से डरता है? या फिर इसके पीछे कोई ऐसी डार्क जियोपॉलिटिकल सच्चाई है जिसके बारे में मीडिया बात ही नहीं करना चाहती? इसे शुरू से समझते हैं।  सबसे पहले ये समझना होगा कि ईरान आज अकेला नहीं है। रिपोर्ट्स की...

*अमेरिका ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिराया? जानिए भू-राजनीति,न्यूक्लियर टैबू और तीसरे विश्व युद्ध की पूरी सच्चाई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*अमेरिका ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिराया? जानिए भू-राजनीति,न्यूक्लियर टैबू और तीसरे विश्व युद्ध की पूरी सच्चाई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई))अमेरिका सीधा ईरान पर न्यूक्लियर बम क्यों नहीं गिरा देता?ये सवाल आपके दिमाग में भी जरूर आया होगा। अभी कुछ दिनों पहले ही पूरी दुनिया को लगा था कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने ही वाला है। इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर एक बहुत बड़ा हमला किया लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं था। सोचिए अमेरिका के पास दुनिया की सबसे खतरनाक और हाईटेक फौज है साथ ही 5000 न्यूक्लियर बम है लेकिन फिर भी वो चाहकर भी ईरान का कुछ नहीं उखाड़ पा रहा तो भाई अगर बात इतनी ही बिगड़ चुकी थी तो अमेरिका ने एक न्यूक्लियर बम गिराकर खेल ही खत्म क्यों नहीं कर दिया? तो आखिर वो क्या मजबूरी है जो एक सुपर पावर को न्यूक्लियर अटैक करने से रोक रही है? क्या अमेरिका ईरान से डरता है? या फिर इसके पीछे कोई ऐसी डार्क जियोपॉलिटिकल सच्चाई है।  जिसके बारे में मीडिया बात ही नहीं करना चाहती? इसे शुरू से समझते हैं। सबसे पहले ये समझना होगा कि ईरान आज अकेला नहीं है। रिपोर्ट्स क...

*रविवार 26 अप्रैल 2026 के शाम के मुख्य समाचार*

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*रविवार 26 अप्रैल 2026 के शाम के मुख्य समाचार* ~अमेरिका का बड़ा वार, रूस-ईरान तेल पर छूट की खत्म, कहां कि "बस अब कोई राहत नहीं”। ~कनाडा की इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलावःज्यादा सैलरी वालों को मिलेगी हफ्ते में PR ! अवैध एंट्री पर तुरंत डिपोर्ट होंगे लोग। ~अमेरिका-ईरान वार्ता में डेडलॉक :बिना मिले लौटे अराघची, पाक आर्मी चीफ को सौंपी शर्तें; ट्रंप बोले— ईरान खुद हमें कॉल करे। ~मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए,CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे। ~तेलंगाना में कविता ने नई पार्टी TRS बनाई:2028 के विधानसभा चुनावों में पिता केसीआर की पार्टी BRS को देंगी टक्कर। ~भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 33% महिलाएं होंगी:संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक फॉर्मूला लागू; राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह। ~रिफाइनरी में आग,'साइबर अटैक' की आशंका: ऑटोमेटिक कंट्रोल यूनिट्स हाईजैक तो नहीं हुए; HPCL ने कहा- मई में शुरू हो जाएगी CDU। ~‘दंगाई बोला-कर्फ्यू हटने दे,50 दुकानों में आग लगानी है’: प्लांड था करौली दंगा,सबूत मिटाए, 7 ऑ...

*होर्मुज जलडमरूमध्य संकट:भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बीच 14 जहाज फंसे,NSA डोभाल का सऊदी दौरा और LPG आपूर्ति पर सरकार की बड़ी अपडेट*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*होर्मुज जलडमरूमध्य संकट:भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बीच 14 जहाज फंसे,NSA डोभाल का सऊदी दौरा और LPG आपूर्ति पर सरकार की बड़ी अपडेट*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) 97,422 मीट्रिक टन तेल लेकर आ रहा 'देश गरिमा' होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बारे में सरकार ने क्या बताया? ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर दोनों देशों में तनातनी का माहौल है। इसी बीच बीते दिनों होर्मुज पार करने की कोशिश में जुटे दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की खबर भी सामने आई थी। भारतीय जहाजों पर होर्मुज में फायरिंग की घटना पर सरकार ने बताया कि संचार गैप के कारण यह घटना हुई थी हालांकि अभी भी 14 जहाज अब भी फंसे हैं। भारत सरकार ने 20अप्रैल सोमवार को पश्चिम एशिया के हालात पर अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में स्थिति साफ की। अधिकारियों ने बताया कि 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैनिकों ने फायरिंग की थी। यह घटना ईरान सरकार और IRGC की स्थानीय इकाई के बीच संचार अंतर (कम्युनिकेशन गैप) ...

*ईरान-US जंग की आहट:'बात मानो वरना बर्बादी तय',ट्रंप की आखिरी चेतावनी और पाकिस्तान का 'डबल गेम'*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*ईरान-US जंग की आहट:'बात मानो वरना बर्बादी तय',ट्रंप की आखिरी चेतावनी और पाकिस्तान का 'डबल गेम'*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)मिडिल ईस्ट वॉर के मद्देनजर डील करो वरना तुम्हारी बर्बादी तय है ऐसी डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। बुधवार को US और ईरान के बीच नाजुक सीज़फ़ायर खत्म होने के साथ US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि US डेलीगेशन सोमवार को दूसरे राउंड की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान को दिया गया प्रपोज़ल बहुत सही और फेयर है । मीठी- मीठी बातें खत्म हो गई हैं और अगर यह डील नहीं मानी गई तो खतरनाक हमले किए जाएंग हालांकि ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में अपने रिप्रेजेंटेटिव भेजने से मना कर दिया है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी 'तस्नीम' ने कहा है कि जब तक ईरान के खिलाफ US की लगाई गई नेवल नाकाबंदी रहेगी । तब तक बातचीत के लिए कोई डेलीगेशन पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा। वाइस प्रेसिडेंट जे.डी.वेंस और स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर,जिन्होंने पहले राउंड को लीड किया था । उसके नेतृत्व ...

*बड़ी खबर ...सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी!हाईवे पर एक गलती जानलेवा हो सकती है,जानें नए सख्त नियम!राज्य सरकार को निर्देश*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*बड़ी खबर ...सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी!हाईवे पर एक गलती जानलेवा हो सकती है,जानें नए सख्त नियम!राज्य सरकार को निर्देश*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) सुप्रीम कोर्ट ने भारत में एक्सीडेंट रोकने के लिए सख्त हाईवे सेफ्टी उपाय अनिवार्य किए। हाईवे सेफ्टी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश आया है। केंद्र और राज्यों को गैर-कानूनी पार्किंग,अतिक्रमण और एक्सीडेंट रोकने के निर्देश दिये गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सेफ्टी के लिए अहम आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 के मुताबिक सम्मान के साथ जीने के अधिकार में यात्रियों की सेफ्टी भी शामिल है। देश में हाईवे पर कमियों को दूर करने के लिए कई ठोस कदम उठाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी काम में देरी या सुविधाओं की कमी की वजह से सड़कें खतरनाक नहीं होनी चाहिए अगर गैर-कानूनी पार्किंग या एक्सीडेंट स्पॉट जैसे टाले जा सकने वाले कारणों से किसी की जान जाती है तो इसे सरकार की नाकामी माना जाएगा। कोर्ट ने साफ किया कि जीवन का अधिकार सिर्फ जान बचाने के बारे में नहीं है बल्कि सुरक...

*मोजतबा खामेनेई का कड़ा संदेश:होर्मुज जलमार्ग पर अब ईरान की इजाजत के बिना आवाजाही नहीं*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*मोजतबा खामेनेई का कड़ा संदेश:होर्मुज जलमार्ग पर अब ईरान की इजाजत के बिना आवाजाही नहीं*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई रिपोर्ट स्पर्श देसाई)ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट । यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक तनाव को दर्शाता है। विश्लेषण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं। नेतृत्व का कड़ा रुख । सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का बयान स्पष्ट करता है कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता और 'प्रतिरोध' की नीति पर अडिग है। "करारी हार" देने की चेतावनी सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को चुनौती है। होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक उपयोग अनुमति बगैर संभव नहीं। मोहम्मद बगेर गालिबफ का यह कहना कि जलमार्ग से आवागमन "ईरान की अनुमति" से संभव होगा । वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकेत है। ईरान होर्मुज को एक 'लीवर' की तरह इस्तेमाल कर रहा है। जिससे वह अंतरराष्ट्रीय दबाव (नाकाबंदी) का जवाब दे सके। डोनाल्ड ट्रंप और 'मीडिया वॉर'के मद्देनजर ईरानी नेतृत्व अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को "झूठा" बताकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जनमत को यह संदेश द...

*ईरान-अमेरिका संघर्ष:इस बार क्या गलत हुआ?होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर बंद,कारणों का हवाला देते हुए,ईरान ने कड़ा रुख अपनाया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*ईरान-अमेरिका संघर्ष:इस बार क्या गलत हुआ?होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर बंद,कारणों का हवाला देते हुए,ईरान ने कड़ा रुख अपनाया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई)होर्मुज जलडमरूमध्य बंद की नौबत आ गई। ईरान ने होर्मुज जलडमरू मध्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जब तक अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी। तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खुलेगा। ईरान ने दावा किया है कि उसने एक बार फिर होर्मुज जलडमरू मध्य को बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी । तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खुलेगा। यह कदम अमेरिका की इस कार्रवाई के विरोध में उठाया गया है। शुक्रवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा की थी। जिसमें कहा गया था कि युद्धविराम की अवधि के दौरान यह जलमार्ग वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में किसी बड़े समझौते पर सहमत नहीं हो जाता। यदि कोई समझौता नहीं होता हैं तो अमेरिका एक और हमला कर सकता है और ...

*महिला आरक्षण बिल 2026:क्या 33% कोटा 2034 तक टला?विश्लेषण और भविष्य के समीकरण*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*महिला आरक्षण बिल 2026:क्या 33% कोटा 2034 तक टला?विश्लेषण और भविष्य के समीकरण*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई  (मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) यह समाचार 31वें संविधान संशोधन बिल (महिला आरक्षण विधेयक) के लोकसभा में गिर जाने के बाद के राजनीतिक गतिरोध पर केंद्रित है। इसके मुख्य बिंदु देखें तो वोटों का गणित देखना जरूरी हो जाता है। पक्ष में 298,विपक्ष में 230 दो-तिहाई बहुमत (आवश्यक ~352) से काफी कम। ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा विपक्ष की मांग है । जिससे बीजेपी हिचक रही है (ओबीसी वोट बैंक का विस्तार 50% आरक्षण सीमा और जातिगत आंकड़ों की कमी)। मूल 2023 कानून के अनुसार जनगणना व परिसीमन के बाद ही लागू संभावित 2034 से पहले असंभव है। नए प्रस्ताव में आगामी साल 2029 का लक्ष्य था लेकिन वह भी अटका है। भविष्य के विकल्प पर विचार करें तो जनगणना का आधार बदलना ( साल 2011 से साल 2027) विपक्ष से सुझाव लेना या संसद द्वारा संविधान संशोधन कर सीधे ओबीसी कोटा लागू करना लेकिन अदालतों में चुनौती का जोखिम। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में आगामी साल 2034 से पहले 33% महिला आरक्षण लागू होना अत्यंत कठिन है। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्त...

* बड़ीखबर...बीएमसी स्कूलों की स्थिति 2026: रिकॉर्ड बजट और बढ़ते नामांकन के बावजूद मराठी- हिंदी माध्यमों में भारी गिरावट और ड्रॉपआउट की चुनौती*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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* बड़ीखबर...बीएमसी स्कूलों की स्थिति 2026:  रिकॉर्ड बजट और बढ़ते नामांकन के बावजूद मराठी- हिंदी माध्यमों में भारी गिरावट और ड्रॉपआउट की चुनौती*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】महामारी से पहले के वर्ष 2019-20 में बीएमसी स्कूलों में नामांकित छात्रों का अनुपात 36% (2,98,215) था। इस आंकड़े में 2021-22 में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह बढ़कर 42% (3,18,002) हो गया। जो अंततः 2024-25 तक 44% (3,10,085) पर स्थिर हो गया। बीएमसी के छात्रों की प्रतिधारण दर दर्शाती है कि 2015-16 में कक्षा 1 में नामांकित 100 छात्रों में से केवल 48 ही 2024-25 तक कक्षा 10 में बने रहे। बीएमसी के मराठी और हिंदी माध्यम के स्कूलों में छात्रों के नामांकन में पिछले दशक में क्रमशः 34% और 39% की गिरावट आई है हालांकि बीएमसी के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में साल 2015-16 से 2024-25 के बीच नामांकन में 54% की वृद्धि देखी गई है। सर्व शिक्षा अभियान आरटीई (2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) जैसी राष्ट्रीय पहलों के बावजूद जिनका उद्देश्य स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करना है। बीएमसी शिक्षा विभाग के पास वार्ड...

*महाराष्ट्र के नए राज्यपाल तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा व बिहार के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन होंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*महाराष्ट्र के नए राज्यपाल तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा व बिहार के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन होंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार की देर रात को बड़े पैमाने पर राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने दिन में ही इस्तीफा दे दिया था और तमिलनाडु,बिहार समेत कई राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज है। राष्ट्रपति भवन से जारी अधिसूचना के अनुसार दिल्ली,बिहार,पश्चिम बंगाल,महाराष्ट्र,तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश,नागालैंड,लद्दाख और तमिलनाडु में नए चेहरे नियुक्त किए गए हैं या अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। दिल्ली में पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को नया उपराज्यपाल (एलजी) बनाया गया है। बिहार के नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन होंगे । जो सेना में अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल में तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन.रवि को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए चौंकाने वाली रही...