धनाढ्य के लिये लाभकारी और आम जनता के साथ धोखा है उत्तर प्रदेश सरकार का आम बजट: कहा भाकपा ने / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

धनाढ्य के लिये लाभकारी और आम जनता के साथ धोखा है उत्तर प्रदेश सरकार का आम बजट: कहा भाकपा ने / रिपोर्ट स्पर्श देसाई


【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 】उत्तर प्रदेश विधान सभा में प्रस्तुत भाजपा  सरकार का बजट उसके द्वारा किए जा रहे दावों के पूरी तरह विपरीत है। यह धनपतियों के लिए लाभकारी और आम जनता  के लिये पूरी तरह निराशाजनक है। जिस इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के दाबे किये जारहे हैं वह आम आदमी की जेब से पैसा निकाल कर धनवानों के विकास और सुविधाओं को जुटाने का जुगाड़ मात्र है। 
इसमें 7.30 प्रतिशत वृद्धि के दावे किये गए हैं । जो गत वर्ष बड़े पैमाने पर छलांग लगा चुकी महंगाई को देखते हुये निष्प्रभावी है अन्य पूंजीवादी सरकारों के बजट की तरह यह बजट भी है। इसमें भी किसानो, युवाओ और महिलाओ को आत्मनिर्भरता का लालीपाप थमाया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषिसंकट, बेरोजगारी, महंगाई और इलाज की दयनीय दशा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जाने के बजाये भाजपा सरकार ने अपने हिन्दुत्व के छिपे  एजेड़े को धार देने को अयोध्या और अन्य आस्थास्थलों के विकास को भुनाने की कोशिश की है। 
 किसानो को फसलों के उचित दाम, सरकारी खरीद बढाने, डीजल व बिजली दरों को नीचे लाने, खाद -बीज पर सब्सिडी, फसलबीमा, किसान पेंशन आदि पर अधिक धन आबंटन की जरूरत थी, मगर इन मदों में बढोतरी करना तो दूर उलटे सब्सिडी घटा दी गयी है। पहले से चली आ रही नहरों और  सरकारी ट्यूव्वेलों  से सिंचाई तथा  मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना को नया बताना सरे आम आँखों में धूल झौंकने वाला है। 
किसानो की आमदनी साल 2022 तक दोगुनी करने के पिछले वायदों की  समीक्षा न कर झूठ को छुपाया गया है। क्या 15 हजार सोलर पम्पों, कृषिक्षेत्र में 100 करोड की योजना से सभी किसानो की आमदनी दोगुनी हो जायेगी? वे आत्मनिर्भर हो जायेगे? बढते कृृषिसंकट से किसानो को बचाने के बजाये सत्यानाशी कृषि नीतियो को ही आगे बढाया गया है। 
 शिक्षा क्षेत्र में बजट आबंटन मात्र  ₹ 75,410 करोड बताया गया है, जो कुल बजट का मात्र 14 फीसदी है। शिक्षा की उत्तर प्रदेश में दयनीय दशा को देख कर यह  नाकाफी है। जरूरत 30 फीसदी की है। स्वास्थय क्षेत्र की घोर उपेक्षा की गयी है, महामारी के दौर में और अधिक बजट की जरूरत थी किंतु जो थेाडा बहुत दिया गया है । वह दवाइयों, अस्पताल के रखरखाव उपकरणों आदि की महंगाई में चला जायेगा। सामाजिक सुरक्षा, कल्याणकारी कामों, मनरेगा, प्रवासी मजदूरों, वृद्वा विकलांग पेंशन, दलितो-पिछडे छात्रों के वजीफों, सस्ते राशन वितरण में कटौती कर सफाई से हाथ खीेचे जा रहे हैं।लाकडाउन के बाद बेरोजगार बने मजदूरों और शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की ठोस योजना पूरी तरह नदारद है।  
बजट में छोटे  व्यापारी दुकानदारों को कोई राहत न देकर पूरी तरह निराश किया गया है। बुनियादी ढांचे के नाम पर  एक्सप्रेसवे व हवाई अडडे के लिए बजट में करीब 12 हजार करोड रू॰ की व्यवस्था की गयी है। ये धनाढ्यो को लाभ पहुंचाने की गरज से किया गया है और इससे आम जनता को कोई लााभ होने वाला नही है। ऐसा बयान भाकपा की ओर से आया हैं ।

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•
 

Comments

Metro City Post - Popular Post

मुंबई चीरा बाजार में व्यापारी ने अपनी पत्नी की हत्या कर के खुदकूशी करली / रिपोर्ट स्पर्श देसाई