*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*जर्मन चांसलर मर्ज का ईरान-अमेरिका विश्लेषण:ट्रंप की रणनीति पर सवाल,ईरान को अपेक्षा से अधिक मजबूत बताया,तेल मार्ग में बारूदी सुरंगों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) ईरान-अमेरिका संघर्ष पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने अमेरिका की रणनीति पर उठाए सवाल। बर्लिन में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सोमवार को एक कड़ा बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मौजूदा रणनीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दिशाहीन करार दिया। चांसलर मर्ज़ के बयान के मुख्य अंश देखें तो चांसलर मर्ज़ ने न केवल अमेरिका की युद्ध नीति पर सवाल उठाए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी है। ऐसे में रणनीति का अभाव सामने आया। मर्ज़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए क्या योजना बना रहा है। उनके अनुसार अमेरिका के पास इस युद्ध से सुरक्षित बाहर निकलने का कोई स्पष्ट एग्जिट प्लान नहीं दिख रहा है। ईरान की बढ़ती ताकत का अंदाजे को लेकर जर्मन चांसलर ने स्वीकार किया कि ईरान सैन्य और रणनीतिक रूप से उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत साबित हुआ है। उन्होंने आगाह किया कि ईरान को कमजोर आंकना एक बड़ी भूल रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा बढ़ने की संभावना।सबसे चिंताजनक चेतावनी समुद्री रास्तों को लेकर दी गई। मर्ज़ के अनुसार दुनिया का एक प्रमुख तेल मार्ग (Oil Route)आंशिक रूप से बारूदी सुरंगों से भरा हुआ है।
यदि यह मार्ग बाधित होता है तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है। यूरोप की बढ़ती चिंता देखें तो जर्मनी की ओर से आया यह बयान इस बात का संकेत है कि अब यूरोपीय देश इस युद्ध के आर्थिक परिणामों से डरे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी नीतियों पर जर्मनी का यह प्रहार आने वाले समय में NATO देशों के बीच मतभेदों को और गहरा कर सकता है। ईरान जितना कमजोर सोचा गया था। उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकला है। अमेरिका के पास इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। ऐसा फ्रेडरिक मर्ज़,चांसलर (जर्मनी) ने कहा। ईरान- अमेरिका के बीच जारी यह तनाव अब केवल दो देशों की जंग नहीं रह गया है बल्कि यह एक वैश्विक ऊर्जा संकट की ओर इशारा कर रहा है। जर्मनी का यह रुख अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने वाला साबित होगा।
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