*बड़ी खबर ...सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी!हाईवे पर एक गलती जानलेवा हो सकती है,जानें नए सख्त नियम!राज्य सरकार को निर्देश*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*बड़ी खबर ...सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी!हाईवे पर एक गलती जानलेवा हो सकती है,जानें नए सख्त नियम!राज्य सरकार को निर्देश*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई 


(मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई) सुप्रीम कोर्ट ने भारत में एक्सीडेंट रोकने के लिए सख्त हाईवे सेफ्टी उपाय अनिवार्य किए। हाईवे सेफ्टी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश आया है। केंद्र और राज्यों को गैर-कानूनी पार्किंग,अतिक्रमण और एक्सीडेंट रोकने के निर्देश दिये गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सेफ्टी के लिए अहम आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 के मुताबिक सम्मान के साथ जीने के अधिकार में यात्रियों की सेफ्टी भी शामिल है। देश में हाईवे पर कमियों को दूर करने के लिए कई ठोस कदम उठाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी काम में देरी या सुविधाओं की कमी की वजह से सड़कें खतरनाक नहीं होनी चाहिए अगर गैर-कानूनी पार्किंग या एक्सीडेंट स्पॉट जैसे टाले जा सकने वाले कारणों से किसी की जान जाती है तो इसे सरकार की नाकामी माना जाएगा। कोर्ट ने साफ किया कि जीवन का अधिकार सिर्फ जान बचाने के बारे में नहीं है बल्कि सुरक्षित माहौल देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। जस्टिस जे.के.माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए यह ऑर्डर पास किया। कोर्ट ने दो बड़े एक्सीडेंट के बाद मामले का खुद से संज्ञान लिया। 2 नवंबर को राजस्थान के फलौदी में एक टेंपो ट्रैवलर ने एक खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। 3 नवंबर को तेलंगाना के रंगारेड्डी में एक बस ने बजरी वाले ट्रक को टक्कर मार दी। नए ढाबे या कमर्शियल कंस्ट्रक्शन की इजाज़त नहीं । कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक बड़ी और कमर्शियल गाड़ियां नेशनल हाईवे पर तय जगहों के अलावा कहीं भी रुक या पार्क नहीं कर सकतीं। केंद्र और राज्य सरकारों को जांच टीम बनानी चाहिए । अतिक्रमण हटाना चाहिए और जनता की शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री नंबर शुरू करना चाहिए। हाईवे के 'राइट ऑफ वे' सेक्शन पर नए ढाबे या कमर्शियल कंस्ट्रक्शन की इजाज़त नहीं दी जाएगी। सभी गैर-कानूनी अतिक्रमण 60 दिनों के अंदर हटाने होंगे। NHAI या PWD से इजाज़त के बिना कोई लाइसेंस या मंज़ूरी नहीं दी जाएगी। पहले दिए गए लाइसेंस का 30 दिनों के अंदर इंस्पेक्शन किया जाएगा। डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन हो। 


हर जिले में एक ‘डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स’ बनाई जाएगी। अतिक्रमण हटाने की ज़िम्मेदारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों की होगी। राज्य सरकारों को लैंड यूज़ चेंज पर रोक लगानी चाहिए साथ ही 30 दिनों के अंदर हाईवे पर पेट्रोलिंग के लिए स्पेशल टीमें बनानी चाहिए। NHAI को जल्द ही मॉडर्न ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शुरू करना चाहिए। इसमें कैमरे, स्पीड कैमरे,इन्फॉर्मेशन बोर्ड और इमरजेंसी कॉल बॉक्स होंगे। बंद सिस्टम को 60 दिनों के अंदर शुरू किया जाना चाहिए। हर 75 km पर एम्बुलेंस और रेस्क्यू क्रेन लगाई जानी चाहिए। ट्रक रोकने के लिए खास जगहें की व्यवस्था। हर 75 km पर ट्रक रोकने के लिए खास जगहें बनाई जानी चाहिए। वहां आराम,खाना, ्टॉयलेट,सेफ पार्किंग,फर्स्ट एड और दूर तक दिखने वाले साइन होंगे अगर हो सके तो ऐसी और सुविधाएं दी जानी चाहिए। एक्सीडेंट वाली जगहों की लिस्ट 45 दिनों के अंदर अनाउंस की जानी चाहिए। उन जगहों पर तेज लाइटें, स्पीड कैमरे,वॉर्निंग बोर्ड और रोड मार्किंग होना ज़रूरी होगा। इन ऑर्डर को लागू करने के लिए सभी संबंधित संस्थाएं ज़िम्मेदार होंगी। कोर्ट ने ऑर्डर की कॉपी सभी राज्य अथॉरिटी को भेजने को कहा है। उम्मीद है कि इन आदेशों से हाईवे पर अवैध पार्किंग,ढाबे और अतिक्रमण कम होंगे । जिससे यात्रा सुरक्षित होगी।( Photos Courtesy Social media)

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