उद्धव ठाकरे ने सावरकर को लेकर किए इस बयान पर हंसना या रोना समझ में नहीं आता हैं : सचीन सावंत / रिपोर्ट:स्पर्श देसाई
मुंबई/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पुस्तक प्रकाशन कार्यक्रम में कहा था कि, "स्वतंत्रता सेनानी विनोद दामोदर सावरकर अगर प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान में पैदा नहीं होता ।" महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने बयान को लेकर उद्धव ठाकरे की आलोचना की हैं । सावंत ने कहा है, "उद्धव ठाकरे को पता नहीं है कि हंसना है या रोना हैं ।"
" सावरकर: इकोस फ्रॉम ए फॉरगॉटेन पास्ट "पुस्तक का प्रकाशन मुंबई में हुआ था । इस अवसर पर शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे उपस्थित थे । तब उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि “हमारी सरकार हिंदुत्ववादी सरकार हैं । स्वातंत्र्यवीर सावरकर को "भारत रत्न पुरस्कार" से सम्मानित किया जाना चाहिए । हम महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा किए गए कार्यों से इनकार नहीं करते हैं । राहुल गांधी ने कहा था कि नेहरू देश के लिए कुछ समय जेल गए थे । मैं उन्हें सूचित करना चाहूंगा कि सावरकर को 5 साल की जेल हुई थी और मौत भी वही पर हुई थी। अगर नेहरू को इतनी यातना झेलनी पड़ी और भले ही वह 5 मिनट जेल में रहे, तो भी हम उन्हें हीरो नहीं कहते हैं। अगर सावरकर उस समय देश के प्रधान मंत्री होते, तो पाकिस्तान बिल्कुल पैदा नहीं होता । उद्धव ठाकरे ने कहा ।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने उद्धव ठाकरे के बयान की आलोचना की हैं । "इस बयान पर हंसना चाहिए या रोना ? समझ में नहीं आता है। सावरकर ने 1949 में द्विदलीय राज्य की अवधारणा का प्रस्ताव दिया था, था ।सावंत ने कहा था ।
रिपोर्ट: स्पर्श देसाई √•Metro City Post # MCP•News Channel • के लिए...

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