जोधपुर के गांधी मैदान में संबोधि ध्यान योग शिविर की पूर्णाहुति के साथ सत्संग महाकुंभ का हुआ समापन / रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
◆Photo by Agency◆
मुंबई/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
राजस्थान के जोमदार शहर जोधपुर के गांधी मैदान में चल रहे पांच दिवसीय संबोधि ध्यान एवं योग शिविर की पूर्णाहुति के साथ 57 दिवसीय सत्संग महाकुंभ का सोमवार 9 सितंबर को समापन हो गया। इस अवसर पर सत्संगप्रेमियों द्वारा राष्ट्रसंतों के प्रति आभार समर्पित किया गया और सत्संगमाला व शिविर के लाभार्थी सुखराजजी नीलमजी मेहता परिवार को माला व शॉल पहना कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जब संत चंद्रप्रभजी ने साधकों को अतींद्रिय शक्ति जागरण के लिए ध्यान का गहरा प्रयोग करवाया तो सभी के चेहरे तेजोमय हो उठे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी मैदान जोधपुर की शान है जहां अब तक हुए हजारों सत्संग के कार्यक्रमों ने शहर की आबोहवा को भक्ति, प्रेम और प्रसन्नता से भरा है। केवल हम इस मैदान में अब तक साढे तीन सौ से अधिक प्रवचन दे चुके हैं। अगर हम रोज अपनी लाइफ में सत्संग और साधना को सेट करेंगे तो हमारी बॉडी, माइंड और सोल सदा अप टू डेट रहेगी। हमें 23 घंटे संसार को देने चाहिए पर एक घंटा स्वयं को देना चाहिए।20:20:20 का फार्मूला देते हुए संतप्रवर ने कहा कि हम प्रतिदिन 20 मिनट योग 20 मिनट ध्यान और प्रार्थना और 20 मिनट अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करें। अपने मित्रों और रिश्तेदारों को भी फूलों का गुलदस्ता देने की बजाय उपहार स्वरूप साहित्य या ज्ञान से जुड़ी वस्तुएं दे । फूलों का गुलदस्ता अगले दिन बेकार हो जाएगा। पैसे भी बर्बाद होंगे और फूलों की हिंसा का भी दोष लगेगा, पर साहित्य देंगे तो आने वाले कल का निर्माण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि योग से बॉडी सेट रहेगी, ध्यान से माइंड सेट रहेगा और स्वाध्याय से लाइफ सेट रहेगी। जिस तरह से घर परिवार में वातावरण दूषित होता जा रहा है, क्लेश कलह बढ़ती जा रही है ऐसे में खुद को इंस्पायर और मोटिवेट करने के लिए साधना आराधना और स्वाध्याय का अमृत पान करना जरूरी है। संतप्रवर ने चातुर्मास लाभार्थी परिवार का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस चातुर्मास की दो खासियत रही। चातुर्मास का सारा खर्चा चेक से अर्थात एक नंबर के धन से हुआ और जितना धन सत्संग के आयोजन में समर्पित हुआ उतना ही धन मानव सेवा में भी समर्पित किया गया। इस अवसर पर सुखराज मेहता और नीलम मेहता ने गुरुजनों और सत्संग प्रेमियों के प्रति आभार समर्पित किया। कार्यक्रम में साहित्य की प्रभावना परिवार द्वारा की गई गुरुजनों का आगामी दो माह संबोधि धाम में रहेगा प्रवास- चातुर्मास समिति के अशोक पारख ने बताया कि संत ललितप्रभ और संत चंद्रप्रभ सितंबर और अक्टूबर माह में कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में विराजमान रहेंगे जहां पर श्रद्धालु दर्शन वंदन का लाभ ले सकेंगे।
रिपोर्ट::स्पर्श देसाई√●Metro City Post # MVP News Channel● के लिए...

Comments
Post a Comment
आपके अभिप्राय हमारे लिए महत्व रखते हैं..