नारायण राणे की हो शकती हैं कांग्रेस में घर वापसी / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने रविवार को कहा था कि नारायण राणे जल्द ही कांग्रेस में घर वापसी कर सकते हैं । थोरात ने आगे कहा था कि राणे का मन अब भाजपा में नहीं लग रहा हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं कुछ गलत हो गया हैं। राणे के अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए कुछ अन्य कांग्रेसियों की वापसी के भी संकेत थोरात ने दिए हैं।
यहां यह याद रहे कि कांग्रेस छोड़ने के बाद नारायण राणे ने महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी की स्थापना की थी । बाद में राणे को भाजपा ने राज्यसभा में चुनकर भेजा था । वहीं कहा जा रहा हैं, कि अगर भाजपा शिवसेना में युति हुई तो नारायण राणे राज्यसभा से इस्तीफा दे सकते हैं । ऐसे में उनके सामने कांग्रेस में वापसी के अलावा अन्य कोई विकल्प बचता नहीं हैं । इसी तरह भाजपा सांसद संजय काकड़े भी भाजपा पर लगा कर लगातार हमले कर रहे हैं । इससे यह दावा किया जा रहा है कि संजय काकडे जल्द ही कांग्रेस में वापस लौटेंगे ।
स्वाभिमान पक्ष के अध्यक्ष और भाजपा के समर्थन से राज्यसभा के सदस्य बने हुए राणे जब फिर से कांग्रेस में वापस जाने के मूड में होने की बात बाला साहब थोरात ने कही थी । उसके बाद राणे के पार्टी के पदाधिकारियों को पार्टी छोड़कर जाने रहने की तैयारी में होने की बात सूत्रों ने बताई थी । कांग्रेस से इस्तीफा देकर राणे ने स्वाभिमान पक्ष की रचना की थी, हालांकि राणे को महाराष्ट्र राज्य सरकार में कैबिनेट में स्थान चाहिए था । जो वह उनको नहीं मिल रहा हैं इसीलिए वह भाजपाई उसे थोड़ा नाराज चल रहे हैं । पिछले कई वक्त से राणे भाजपा से दूर रहे हैं । शिवसेना से अपनी कारकिर्दी शुरू करने वाले राणे ने भाजपा और सेना के बीच गठबंधन हो वह स्वीकार्य नहीं हैं । सेना का कोंकण में वर्चस्व हैं, और राणे भी इस विस्तार में सक्रिय हैं । राणे को भाजपा में शामिल करने पर शिवसेना ने जाहिर में अपनी नाराजगी व्यक्त की थी, इसलिए भाजपाइयों ने राणे को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिलवाया था । थोरात के बताए अनुसार राणे अब जल्दी ही कर वापसी कर सकते हैं । अब उनके पास दो ही विकल्प बचे हैं । क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस और क्या कांग्रेस ।
राणे के समर्थकों एवं दूसरे पदाधिकारियों ने हाल के समय में कुडाल में अपने इस्तीफे दिए थे । वह बात लोगों के सामने आई हैं । लोकसभा और उसके बाद विधानसभाओं के चुनाव करीब आने से राणे और उनके दोनों पुत्र राजकारण में सक्रिय हो गए हैं । हाल में उसका छोटा बेटा नितेश कांग्रेस का विधान सभ्य हैं । राणे नीलेश के लिए लोकसभा की बैठक मांगते हैं और अगर भाजपा वह छोड़ते हैं तो उनको राज्यसभा का भी पद छोड़ना पड़ेगा, इसीलिए वह खुद लोकसभा के चुनाव लड़े लड़े ऐसी संभावना है।
अब राणे कौन सा निर्णय ले रहे हैं, वह आने वाला वक्त ही बताएगा ।
रिपोर्ट : स्पर्श देसाई √•मेट्रो सिटी पोस्ट• के लिए...
