सेबी के नये कानून से 1अप्रेल के पश्र्चात कारपोरेट्स के बोरोईंग खर्च में वृद्धि होने की संभावना /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
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✓Report By Sparsh Desai
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मुंबई, रिपोर्ट : स्पर्श देसाई ,
100 करोड़ से ज्यादा के बकाया कर्ज के साथ की एए रेटिंग रखने वाली भारतीय लिस्टेड कंपनियों को 1 अप्रैल से नए लंबे समय के बोरोइंग के 25% के बोरोईंग बोन्ड़्स के जरिए खड़ा करने के लिए "सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया" यानी कि सेबी ने निर्देश दिया हैं, कि कंपनियों को खर्च के लिए कंपनियों को बोरोइंग खर्च के तहत खर्चे में वृद्धि होगी । इतना ही नहीं पर यह व्यवहारु भी नहीं हैं ।
वह कंपनियों के जरिए बताया जा रहा हैं ।
यह नियम, यह कानून हालांकि लंबे वक्त के बोरोईंग के लिए ही लागू होगा, लेकिन बहुत के लिए व्यवस्थापकों और कॉर्पोरेट ट्रेजरी अधिकारियों ने बताए अनुसार बोन्ड़ बाजार में लंबे समय के लिए बोरोइंग पाने का दूसरा कोई विकल्प नहीं हैं ।
बैंकें तो 8 से 10 साल तक नगद उधार देती हैं , लेकिन बोन्ड़ बाजार में 2 साल से ज्यादा वक्त के लिए पैसा मिलना मुश्किल हैं ।
बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट्स लंबे वक्त के लिए लोन चाहते हैं । लेकिन हमारी बोन्ड़ बाजार में अब तक इसकी कोई तैयारी नहीं हैं ।
केयर रेटिंग्स के बताए अनुसार के कॉरपोरेट जगत को लोन लेने के लिए दो चीजों पर आधार रखना पड़ेगा । उसमें ब्याज खर्च महंगा गिरेगा। एक अनुमान के हिसाब से लोन साल 2019 -1920 में कॉर्पोरेट के जरिए रुपया 18.90 ट्रिलियन के बोरोइंग की आवश्यकता रहेगी । सेबी के इस नए नियम के हिसाब से इसमें 25% रकम यानी कि रूपया 4.72 ट्रिलियन बाजार में से ही खड़ा करना पड़ेगा।
रिपोर्ट स्पर्श देसाई√ • Metro City Post• के लिए ...
