यूरोपियन यूनियन ने गुगल पर 117अरब रु.का दंड ठौका /रिपोर्ट : स्पर्श देसाई

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मुंबई, रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
यूरोपियन यूनियन ने स्पर्धात्मक बाजार में प्रतिस्पर्धा के कानून का उल्लंघन करने पर गुगल पर 149 करोड़ यूरो यानी कि रुपए के हिसाब से 117 अरब रूपए का दंड ठौका था ।                         
गुगल पर यह दंड आनलाईन विज्ञापनों में पक्षपात करने के लिए ठौका था ।                                                      
गौरतलब हैं कि इसके पहले भी वास्तव में गुगल पर हरबार ऐसा आरोप लगता रहा हैं कि अपने मोबाइल डिवाइस पर व्यूह के तहत गुगल सर्च इंजन को गलत तरीके प्रस्तुत करता हैं ।                                                                       
गौरतलब हैं कि साल 2017 के बाद अब तक गुगल पर लगा यह तिसरा सबसे बड़ा दंड हैं ।                                        
गौरतलब हैं कि यूरोप गुगल, अमेझोन, एप्पल,और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया की कंपनीयों पूरे ध्यान से नज़र रखती हैं ।
गुगल पर वोही आरोप हैं कि वो सभी एन्ड्रोईड़ ड़िवाइस के तहत अपने सर्च इंजन और ब्राउजर का प्रयोग गलत तरीके से करता हैं और कोई भी प्रोड़क्ट होने पर अपने ही प्रोड़क्ट के विज्ञापन दिखाता हैं ।             
 गुगल सभी एन्ड्रोईड़ मोबाइल निर्माता कंपनियों को मुफ्त में अपनी एन्ड्रोईड़ सिस्टम देता हैं । बदले में मोबाइल कंपनियां गुगल को क्रोम,ब्राउजर,यू ट्यूब जैसे एप अपने मोबाइल में प्रि इस्टोल करने होते हैं ।
इस दंड भूगतान के बाद  गुगल अपनी बिजनेस पोलिसी बदलता हैं तो उसका सीधा फायदा दूसरी कंपनियों के एप के होगा । जैसे कि  एन्ड्रोइड मोबाइल यूजर्स गुगल काम के बजाय मोज़िला,फायर फोक्स,युसी ब्राउजर या फिर दूसरे ब्राउजर को अपने मोबाइल में इन्टोल करेंगे ।
दरअसल बात यह है कि यूरोपीयन यूनियन में प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के तहत अमेरिका की गूगल कंपनी को 149 करोड़ यूरो मतलब करीब 11700 करोड़ रुपिया का दंड ठौका हैं । गूगल पर यह आरोप है कि उसने ऑनलाइन  सर्च विज्ञापनों में अपनी हरीफ कंपनियों के विज्ञापनों को ब्लॉक कर दिया था ।
यूरोपियन यूनियन ने अपने फैसले में यह बताया था कि गूगल ने साल 2006 से साल 2016 तक ऑनलाइन मार्केट में अपना प्रभुत्व का गलत फायदा उठाया हैं । गूगल ने थर्ड पार्टी हरीफ कंपनियों के ऑनलाइन सर्च में विज्ञापनों को प्रस्तुत करने से रोका था । कई वेबसाइटों में गूगल सर्च फंक्शन होता हैं । कोई यूजर्स उसका प्रयोग करता हैं , तो उस सर्च रिजल्ट के साथ साथ सर्च विज्ञापन भी देखने को मिलते हैं । गूगल के जरिए सर्च विज्ञापनों में प्रतिस्पर्धात्मक कंपनियों की विज्ञापनों को ब्लॉक करने में आता हैं । गूगल ने साल 2006 में ऐडसेंस कांटेक्ट में एक्स्लूवीजीटी धारा का प्रावधान किया था । इससे सर्च पेज पर माइक्रोसॉफ्ट और याहू जैसी विरोधी कंपनियों की विज्ञापनों को रोक देने में आया था।
यूरोपियन यूनियन के जरिए गूगल को पिछले 2 साल में तीन बार जुर्माना किया हैं । इसके पहले साल 2017 में 242 करोड यूरो यानी कि 19000 करोड रुपया और साल 2018 में 434 करोड यूरो यानी 34000 करोड रुपए का ठोका था । गूगल की पेरेंट्स कंपनी अल्फाबेट ने साल 2017 में ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए 1266  करोड़ का डॉलर का यानी 87 हजार करोड़ की कमाई की थी । जो साल 2018 में बढ़कर 3070 करोड डॉलर यानी कि रु. 2.11 लाख करोड़ तक हो गई थी । इसी तरह एक साल में गूगल ने ऑनलाइन ऑनलाइन कमाई में ढाई गुना वृद्धि की थी ।
रिपोर्ट स्पर्श देसाई √• Metro City Post• के लिए...


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