जलगाँव घरकुल घोटाले के आरोपी सुरेशदादा जैन को मुंबई उच्च न्यायालय ने अस्थायी जमानत दी / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
अगस्त 29 में जलगाँव सत्र अदालत ने इस मामले में कुल 48 व्यक्तियों को दोषी ठहराया था। घोटाले कुल राशि 29 करोड़ रुपये थी। सुरेश दादा जैन के साथ पूर्व राज्य मंत्री गुलाबराव देवकर और कुछ नगरसेवक आरोपियों की सूची में शामिल थे । यह भी बताया गया कि सुरेशदादा जैन का जेजे अस्पताल में इलाज चल रहा हैं। इसलिए उन्हें इलाज के कारणों से तीन महीने की यह अस्थायी जमानत दे दी जाये ।
घरकुल योजना जलगाँव नगरपालिका की योजना थी। तत्कालीन नगरपालिका के शासक समूह ने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को सस्ती दरों पर अच्छे घर देने के लिए इस योजना को लागू करने का फैसला किया था । इसके लिए, हरि विट्ठलनगर, खाडेराव नगर, समतानगर और ताम्बापुरा में 11 हजार घरों का निर्माण कार्य साल1999 से शुरू हुआ था ।
शुरुआत से ही सभी प्रकार की अनियमितताओं, कानून के उल्लंघन, कदाचार का खुलासा हुआ। जिस भूमि पर नगरपालिका ने घर बनाया था, वह नगरपालिका के स्वामित्व में नहीं थी। इस योजना के लिए गैर-कृषि अनुमति नहीं ली गई थी। शासकों ने उन बिल्डरों को कार्य दिया जो वे चाहते थे। बिना ब्याज और अग्रिम के ठेकेदारों को 29 करोड़ दिए गए थे । ठेकेदार को विभिन्न छूट की पेशकश की गई थी। ठेकेदार ने टेंडर का काम पूरा करने की समय सीमा का निरीक्षण नहीं किया। फिर भी शासक समूह ने ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिसने काम में पांच साल से अधिक की देरी भी की थी ।
इस दौरान जलगाँव नगरपालिका को नगरपालिका में परिवर्तित कर दिया गया। ठेकेदार को बार-बार समय सीमा दी गई थी। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सुरेश जैन, खांडेश बिल्डर के कांस्टेबल जगन्नाथ वाणी, निर्देशक राजा मयूर सहित 90 अन्य संदिग्धों के साथ सब घोटालों शामिल होने की संभावना जताई गई थी । पूर्व महाराष्ट्र अध्यक्ष सुरेश जैन को 100 करोड़ के जूर्माने साथ शहर अध्यक्ष, नगरसेवक, आर्किटेक्ट, विधायक सलाहकार और अधिकारी के साथ गुलाबराव देवकर और 48 अन्य को दोषी ठहराया गया था ।
▪रिपोर्ट स्पर्श देसाई √● Metro City Post● News Channel ●के लिए...

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