महाराष्ट्र में कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता लोग नहीं लड़ेंगे चुनाव, फैली सनसनी /रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
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मुंबई,/रिपोर्ट : स्पर्श देसाई
महाराष्ट्र कांग्रेस की राजनीति में घमासान चल रहा हैं । मिली हुई जानकारी के मुताबिक लोस के चुनाव में सबसे पहले प्रिया दत्त ने अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था । उसके बाद मिलिंद देवड़ा ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम की कामगिरी के मद्देनजर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था । अब यह खबर आ रही है कि महाराष्ट्र के दो वरिष्ठ नेता अशोक राव चव्हाण जो राज्य के सीएम रह चुके हैं और दूसरे भूत पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया हैं ।
ऐसी खबर आने से महाराष्ट्र के राजनीतिक हल्कों में हलचल मची हैं ।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिस्थिति कांग्रेस एवं राहुल गांधी के लिए मुश्केली बन सकती हैं , क्योंकि यह एक अजीब परिस्थिति हैं लोस का चुनाव सर पर हैं और प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेता को चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं । अब तक 8 बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने से इंकार किया हैं । उनमें से चार लोगों के नाम आगे आए हैं ।
राहूल गांधी ने बड़े अपेक्षा से पार्टी के वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता मल्लिकार्जुन खरगे को महाराष्ट्र के प्रभारी बनाकर महाराष्ट्र भेजा था । लेकिन अब ऐसा लग रहा हैं, राहुल गांधी के बिना हस्तक्षेप बात आगे नहीं बढ़ेगी । साल 2014 में मोदी लहर में महाराष्ट्र में लोस के सिर्फ दो ही उम्मीदवार अपनी सीट को बरकरार रखने में कामयाब रहे थें । जिसमें एक वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक राव चव्हाण, जो नांदेड की बैठक से जीते थे, और दूसरे नेता थे राजीव सातव । जो हिंगोली से चुनाव जीते थे । जो हाल के गुजरात में कांग्रेस के प्रभारी हैं ।
आश्चर्य की बात यह है इन दोनों नेता अब चुनाव लड़ने से इंकार कर रहे हैं । राजीव सातम चुनाव में हारते हुए रह गए थे । साल 2009 में यह सीट NCP के हिस्से में आई थी । 2014 में NCP ने इस बैठक को कांग्रेस को दे दी थी । सातव को जिताने में NCP ने कोई मदद नहीं की थी । जैसे तैसे सातव 1632 वोटों से जीते थे ।
अशोक चव्हान ने हाईकमान से चुनाव न लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर कर, वे अपनी जगह अपनी पत्नी अमिता चव्हान को चुनाव लड़ाने की बात कर रहे हैं । हालांकि कांग्रेस के सूत्रों ने बताया अनुसार राहुल गांधी के लिए अमेठी के उपरांत देश में जो कोई दूसरी सुरक्षित सीट हैं, तो वह हैं, नांदेड की बैठक । अशोक चव्हान का चुनाव ना लड़ने का दूसरा एक कारण यह भी मानने में आता हैं कि उनको महाराष्ट्र कांग्रेस के मुख्य प्रधान पद के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा हैं । इसी लिए लोकसभा की जगह विधानसभा की चुनाव में दिलचस्पी रख रहे हैं । कांग्रेस के दूसरे नेता पृथ्वीराज चौहान के हालात ऐसे ही हैं । इतने दिनों से उनका नाम पुणे की बैठक पर चल रहा हैं । कांग्रेस एनसीपी के आदान-प्रदान के लिए चर्चा भी हुई थी, लेकिन पृथ्वीराज चव्हान लोक सभा के बदले विधानसभा के चुनाव में अपनी उम्मीदवारी चाहते हैं। । वह कराड से विधानसभा से अपना चुनाव लड़ना चाहते हैं ।
नागपुर से भी कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार, सतीश चतुर्वेदी और नितिन राऊत भी चुनाव लड़ने के मूड में नहीं हैं । भूतपूर्व सांसद प्रिया दत्त एवं मिलिंद देवड़ा ने भी चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया हैं । इस बात की जानकारी राहुल गांधी को भी दे दी गई हैं । ऐसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपने हथियार डाल दिए हैं ,जिसके कारण कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
कांग्रेस के इन बड़े नेताओं चुनाव ना लड़ने का कारण क्या हैं? तो उसका जवाब कुछ इस तरह से मिल रहा हैं, कि कांग्रेस में भीतर ही ऐसी चर्चा हैं, कि नोट बंदी के बाद बड़े पैमाने पर कांग्रेस के नेताओं की आर्थिक स्थिति खराब हो गई हैं, इसलिए कांग्रेस के दिग्गज नेता लोग के चुनाव में होने वाले भारी भरकम खर्च करने से बचने के लिए लोस के चुनाव से इंकार कर रहे हैं । दूसरा, हाल के दिनों में कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों को कोई आर्थिक फंड या सहायता नहीं मिलती हैं । यह बात सभी नेता लोग जानते हैं । साथ में यह भी बात जानते हैं कि 2019 के इस लोस चुनाव में भाजपा के नेता लोग चुनाव प्रचार में पानी की तरह पैसा बहायेंगे, जिसकी असर चुनाव परिणामों में दिख सकती हैं।
√•मेट्रो सिटी पोस्ट • के लिए •पत्रकार स्पर्श देसाई •
