√• भारतीय संपत्तियां जब्त करने की मिली इजाजत, सरकार बोली : नहीं मिला कोई नोटिस / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• भारतीय संपत्तियां जब्त करने की मिली इजाजत, सरकार बोली : नहीं मिला कोई नोटिस / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】 ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी ने मध्यस्थता आदेश के तहत 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का हर्जाना वसूलने के लिए एक फ्रांसीसी अदालत से फ्रांस में स्थित 20 भारतीय सरकारी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश हासिल किया है । फ्रांसीसी अदालत ने 11 जून को केयर्न एनर्जी को भारत सरकार की संपत्तियों के अधिग्रहण का आदेश दिया था । जिनमें ज्यादातर फ्लैट शामिल है । इस पूरे मामले पर अब भारत सरकार की ओर से जवाब आ गया है । वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि भारत सरकार को अभी तक फ्रांस की अदालत की तरफ से किसी भी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला है ।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक ऐसे खबरें मिली है कि केयर्न एनर्जी ने पेरिस में भारत सरकार की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया है लेकिन अभी तक भारत सरकार को इस संबंध में फ्रांस की अदालत की तरफ से कोई जानकारी या नोटिस नहीं दिया गया है । वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अगर ऐसा हुआ तो भारत सरकार द हेग में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी । वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया कि केयर्न एनर्जी के सीईओ और अन्य प्रतिनिधियों ने इस मामले का कोई हल निकालने के लिए भारत सरकार से संपर्क तो किया था । इस विषय पर चर्चा भी हुई थी । चर्चा के दौरान कहा गया था कि सरकार देश की कानूनी सीमा के अंदर रहते हुए इस मसले का शांतिपूर्ण समाधान करने को तैयार है ।
केयर्न द्वारा इन संपत्तियों में रहने वाले भारतीय अधिकारियों को बेदखल करने की संभावना नहीं है, लेकिन अदालत के आदेश के बाद सरकार उन्हें बेच नहीं सकती है । एक मध्यस्थता अदालत ने दिसंबर में भारत सरकार को आदेश दिया था कि वह केयर्न एनर्जी को 1.2 अरब डॉलर से अधिक का ब्याज और जुर्माना चुकाए । भारत सरकार ने इस आदेश को स्वीकार नहीं किया । जिसके बाद केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार की संपत्ति को जब्त करके देय राशि की वसूली के लिए विदेशों में कई न्यायालयों में अपील की थी ।
जानें क्या गया है रिपोर्ट में?
"फाइनेंशियल टाइम्स" ने रिपोर्ट किया कि एडिनबर्ग स्थित ऑयल प्रोड्यूसर को 20 मिलियन GBP से ज्यादा की 20 भारतीय सरकारी संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक फ्रांसीसी अदालत का आदेश मिला है । रिपोर्ट में कहा गया कि केयर्न ने कहा कि ट्रिब्यूनल ज्यूडिशियरी डे पेरिस का आदेश "प्रोपर्टीज का मालिकाना हक लेने के लिए एक जरूरी शुरुआती कदम था और ये सुनिश्चित करता है कि किसी भी बिक्री की आय केयर्न के कारण होगी। " दिसंबर 2020 में द हेग, नीदरलैंड में एक स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि भारत सरकार को Cairn एनर्जी को 1.2 बिलियन डॉलर का हर्जाना देना चाहिए क्योंकि इसने गलत तरीके से टैक्स डिमांड को लागू किया था ।
जानें क्या है मामला?
भारत ने ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है । इस बीच, केयर्न ने दबाव बनाने और अपना बकाया वसूलने के लिए विदेशों में भारत सरकार की संपत्तियों की पहचान की है । 15 मई को UK की Cairn एनर्जी Plc ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भारत के राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया पर मुकदमा दायर किया । न्यूज एजेंसी PTI ने बताया है कि केयर्न ने राशि एकत्र करने के लिए संभावित जब्ती के लिए विदेशों में 70 अरब डॉलर की भारतीय संपत्ति की पहचान की है । जो अब ब्याज और जुर्माना सहित कुल 1.72 अरब डॉलर हैं ।
【 Photo by MCP】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•#मिल्कीयत

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