√• राजस्थान समाचार :स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बनाए योजना : मुख्यमंत्री गहलोत / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• राजस्थान समाचार :स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बनाए योजना : मुख्यमंत्री गहलोत / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों एवं युवाओं में भी काफी तेजी से फैल रहा है । मृत्यु की दर भी पहली लहर के मुकाबले बहुत अधिक है और विशेषज्ञ तीसरी लहर की आशंका व्यक्त कर रहे हैं । मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर बेड, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए योजना तैयार करे । इससे लोगों को घर के नजदीक ही उपचार मिल सकेगा ।
गहलोत ने 7 मई शुक्रवार रात वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक की थी । मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस गति से संक्रमण फैल रहा है, उसमें बेहद जरूरी है कि सभी लोग स्व-अनुशासन में रहकर राज्य सरकार के जीवनरक्षा के संकल्प में सहयोग दें । उन्होंने प्रदेशवासियों से 10 मई से लागू होने वाले लॉकडाउन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है । युवाओं को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान को और गति दी जाए । गहलोत ने अधिकारियों से कहा कि युवाओं को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान को और गति दी जाए । केन्द्र सरकार से समन्वय कर टीके की उपलब्धता बढ़ाई जाए ।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 के प्रबंधन में संसाधनों को लेकर किसी तरह की कमी नहीं रख रही है, लेकिन ऑक्सीजन का आवंटन केंद्र सरकार के हाथ में है । मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए तमाम उपलब्ध विकल्पों पर काम कर रही है । विदेशों से ऑक्सीजन सांद्रक खरीदने के लिए विभिन्न स्तरों पर तेजी से प्रयास चल रहे हैं ।
दौरान गांवों तक तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए गहलोत सरकार ने लिया बड़ा फैसला । गांवों तक तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार अब सीएचसी व पीएचसी तक कोविड उपचार की व्यवस्था करेगी। गांवों तक तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार अब सीएचसी व पीएचसी तक कोविड उपचार की व्यवस्था करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 7 मई शुक्रवार देर रात तक वीसी के जरिए चली कोरोना समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएचसी एवं पीएचसी स्तर तक बेड, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए मास्टर प्लानिंग करें। गहलोत ने कहा कि ऑक्सीजन का आवंटन केंद्र के हाथ में है। आवश्यकता के अनुरूप आवंटन नहीं होने, दूरस्थ स्थानों से उठाव में समय लगने, टैंकरों की कमी के कारण परेशानी हो रही है। हम विकल्पों पर भी काम कर रहे हैं। कलक्टरों ने भामाशाहों आदि के माध्यम से 1000 कंसन्ट्रेटर प्राप्त किए हैं। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि तीसरी और चौथी लहर की आशंका को देखते हुए दीर्घकालीन रणनीति पर काम करें।
निजी अस्पतालों पर नजर रखें :
मुख्यमंत्री ने कहा, निजी अस्पतालों में अधिक वसूली की शिकायतें हैं। इन पर विशेष नजर रखें। नोडल अधिकारी प्रभावी मॉनिटरिंग करें।
मुख्यमंत्री की अपील :
मुख्यमंत्री ने अपील की कि लोग सावधानी बरतें। विवाह आदि समारोहों को स्थगित करें।
10 मई से मनरेगा कार्य बंद, बारात-निकासी और प्रीतिभोज पर भी रहेगा 31 मई तक प्रतिबंध । मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल्स एवं हॉटल परिसर में शादी समारोह का नहीं होगा आयोजन । कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जिलो के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता संक्रमण व युवा वर्ग में बढ़ते संक्रमण एवं मौतों की संख्या को नियंत्रित करने की अत्यंत आवश्यकता है। संक्रमण की इस चेन को तोडऩे के लिए भीड़-भाड़ को नियंत्रित किया जाना अति आवश्यक है, इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विभाग के 30 अप्रेल-2021 को जारी किए गए महामारी रेड अलर्ट- जन अनुशासन पखवाड़ा आदेश की निरंतरता में 10 मई सुबह 5 बजे से 24 मई सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाया अपने निवास स्थान से बाहर आगमन निषेध घोषित कर निषेधाज्ञा जारी की गई है।
इस बढ़ते कोरोना के मामले के मद्देनजर मनरेगा कार्यों को भी बंद कर दिया है। गौरतलब है कि अब तक जिले में मनरेगा कार्य संचालित हो रहे थे और इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिल रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों को संक्रमण से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सम्पूर्ण जिले में सभी प्रकार के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। आमजन को पूजा-अर्चना, इबादत, प्रार्थना आदि अपने घर पर रहकर ही करनी होगी।
समारोह स्थगित करने की अपील :
कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य में काफी लोगों द्वारा उनके घर में प्रस्तावित विवाह को स्थगित किया गया है जो कि इस महामारी पर काबू पाने में एक सराहनीय योगदान है। जिले के सभी निवासियों, जिनके द्वारा 31 मई तक विवाह-समारोह का आयोजन किया जा रहा है, उनके द्वारा इस प्रकार के आयोजन को 31 मई के पश्चात आयोजित कराया जाए, ताकि कोविड संक्रमण पर रोक लगाई जा सके।
विवाह में 11 व्यक्ति अनुमत, पोर्टल पर देनी होगी सूचना :
पिछले दिनों में हुए विवाह समारोह में दूल्हा-दुल्हन, बाराती-घराती काफी संख्या में कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। अत: कोविड संक्रमण की इस परिस्थिति को देखते हुए विवाह से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात-निकासी, प्रीतिभोज आदि की 31 मई तक अनुमति नहीं होगी। हालांकि घर पर अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में विवाह करने की अनुमति होगी, जिसमें 11 व्यक्ति अनुमत होंगे, जिनकी सूचना डीओआईटी द्वारा बनाए गण् पोर्टल पर देनी होगी। विवाह में बैण्ड-बाजा, हलवाई, टेंट व इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टेंट हाऊस एवं हलवाई से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी अनुमत नहीं होगी।
सार्वजनिक परिवहन बंद, माल वाहनों को छूट :
समस्त सार्वजनिक (निजी एवं सरकारी) परिवहन जैसे-बस, जीप आदि (मेडिकल सेवाओं के अतिरिक्त) पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टेम्पों, ट्रेक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी।
वहीं दूसरी तरफ अंतरराज्यीय एवं राज्य के अन्दर आवश्यक माल का परिवहन करने वाले भार वाहनों के आवागमन, माल के लोडिंग एवं अनलोडिंग तथा उक्त कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति अनुमत होंगे। संपूर्ण जिले में इंटर डिस्ट्रिक्ट, एक शहर से दूसरी शहर, शहर से गांव या फिर गांव से शहर, एक गांव से दूसरे गांव में (मेडिकल एवं अन्य इमरजेंसी स्थिति/अनुमत श्रेणी के अतिरिक्त) समस्त आवागमन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
प्रवेश से पहले दिखानी होगी जांच रिपोर्ट :
राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को जिले में आगमन से पूर्व यात्रा प्रारम्भ करने के 72 घंटे के अन्दर करवाई गई आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट दिखानी होगी। यदि कोई यात्री आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो गंतव्य पर पहुंचने पर 15 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
उद्योगों में काम करने की अनुमति :
जिले के समस्त उद्योग एवं निर्माण से सम्बन्धित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी, ताकि श्रमिक वर्ग का पलायन रोका जा सके। सम्बन्धित इकाई द्वारा अपने श्रमिकों को अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से पहचान-पत्र जारी किया जाएगा, जिससे आवागमन में सुविधा हो। उद्योग एवं निर्माण इकाई द्वारा श्रमिकों के आवागमन के लिए स्पेशल बस का संचालन अनुमत होगा। संस्थान को अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर एवं विवरण एवं स्पेशल बस के नंबर एवं ड्राइवर का नाम संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट, कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। निर्माण सामग्री से सम्बन्धित दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी। माल के आवागमन के लिए दी गई छूट के अनुसार दूरभाष अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऑर्डर मिलने पर सामग्री सप्लाई की जा सकेगी।
अखबार वितरकों को 11 बजे तक छूट :
समाचार पत्र वितरण के लिए सुबह 4 बजे से 11 बजे तक छूट रहेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिन्ट मीडिया के कार्मिकों को परिचय पत्र के साथ आने-जाने की अनुमति होगी।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

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