√• तौकते चक्रवात हुआ अति गम्भीर, राजस्थान प्रशासन हाई अलर्ट पर / रिपोर्ट स्पर्श दे

√• तौकते चक्रवात हुआ अति गम्भीर, राजस्थान प्रशासन हाई अलर्ट पर / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी हालात से निपटने को नोडल अधिकारी तैनात किए गए । चक्रवर्ती तूफान तौकते अब अति सीवीयर साइक्लोन की श्रेणी में बदल गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार उक्त साईक्लोन का बाड़मेर के बॉर्डर एरिया में सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा, इस पर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। इसका बाड़मेर जिले में सर्वाधिक प्रभाव 18 मई मंगलवार तथा 19 मई बुधवार तक रहेगा।

  जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि जिले के दूर-दराज बॉर्डर एरिया में प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वहीं तहसीदार एवं विकास अधिकारियों को बार्डर एरिया में रात्रिकालिन स्टे कर कमान संभालने के निर्देश दिए गए है। आमजन से अनावश्यक रूप से बुधवार तक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है।

बार्डर एरिया पर प्रबंधन :

उन्होनें बताया कि जिले के दूर-दराज के बॉर्डर एरिया में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही तहसीलदरों एवं विकास अधिकारियों को उक्त क्षेत्रों मे रात में रूक कर राहत कार्यो में कमान संभालने के निर्देश दिए गए है। उन्होने बताया कि बीएसएफ के साथ राहत कार्यो में सहयोग के लिए समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होनें बताया कि 2 से 3 घण्टे के नोटिस पर आर्मी तैयार रहेगी। उन्होनें बताया कि साइक्लोन के दौरान रेस्क्यू कार्यो के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

बीएसएफ की टीमें तैनात :

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार बॉर्डर एरिया ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। बार्डर के 20 किलोमीटर तक के किसी भी एरिया में तूफान से प्रभावित होने वाले गांवों में बीएसएफ की मुस्तैद 4 टीमें बचाव एवं राहत का कार्य करेंगी। जब तक खतरा नहीं टल जाता तब तक बाखासर, केलनोर, गडरारोड एवं मुनाबाव में बीसएसएफ की टीमें 24 घण्टे अलर्ट रहेंगी।

निर्बाध ऑक्सीजन के लिए प्रबंध:

जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि उक्त तौकते चक्रवात को अति सीवीयर साईक्लोन की श्रेणी में सामिल कर दिया गया है। इससे बाड़मेर सहित दक्षिण पश्चित राजस्थान में प्रभाव दिखने की संभावना है। उन्होनें बताया कि इससे जिले को जामनगर से ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होने की संभावना है। इसके लिए जिले में 3 से 4 दिन के ऑक्सीजन का स्टॉक जमा किया जा रहा है। साथ ही पाली, जालौर एवं सिरोही के लिए भी स्टॉक रखा जा रहा है। उन्होनें बताया कि भारी बारिश एवं अंधड की परिस्थितियों में चिकित्सालयों, कोविड केयर सेंटर्स एवं ऑक्सीजन प्लांट्स पर निर्बाध विधुत आपूर्ति के लिए डीजी जनरेटरर्स के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों को अंधड में बिजली के पोल गिरने की स्थिति में सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए तुरंत कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।

उपखंड अधिकारियों को निर्देश :

मौसम विभाग की चेतावनी अनुसार चक्रवर्ती तूफान के प्रभाव से तेज हवा चलने एवं भारी बरसात की संभावनाओं को देखते हुए जिला कलक्टर लोक बंधु ने समस्त उपखंड अधिकारियों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

आपदा राहत से जुड़े विभागों को सतर्क रखें :

उन्होंने जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों को आपदा राहत संबंधित विभागों यथा विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग, चिकित्सा, पुलिस, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, नगर परिषद इत्यादि की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश जारी करने तथा विभागीय अधिकारियों को मुख्यालय पर उपस्थित रहने हेतु पाबंद करने के निर्देश दिए है।
आक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो
उन्होंने प्रत्येक कोविड केयर सेंटर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन सपोर्टेड मरीजों को यथासंभव ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर लेने एवं विद्युत आपूर्ति ना होने पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटेड को चलाने के लिए जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बैकअप दिया जा सके एवं मरीजों हेतु ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई एवं एलएमओ लाने वाले वाहनों के निर्बाध संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार की रास्ते में बाधा होने पर तुरंत उपखंड स्तरीय टीम लगाकर बाधा दूर कर निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के समस्त निजी एवं राजकीय अस्पतालों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं एवं यदि कहीं डीजी सेट नहीं हो तो तुरंत लगा का व्यवस्था पुख्ता रखने के निर्देश दिए।

कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश :

उन्होंने उपखंड मुख्यालय, नगर परिषद एवं पंचायत समिति पर नियंत्रण कक्ष 24 घंटे राउंड द क्लॉक स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में राहत बचाव हेतु आवश्यक उपकरण एवं साजो सामान जैसे रस्सा, ट्यूब, टॉर्च, लाठी इत्यादि रखवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। वहीं उन्होंने निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आवश्यकतानुसार उपकरण एवं साजो सामान रखवाया जाए।
तैराकों, वाहनों सहित संसाधनों की सूचियां अपडेट करें । उन्होंने अपने क्षेत्र के तैराकों की सूची अपडेट कर उनसे संपर्क कर तैयार रहने हेतु पाबंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यालय सहित प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध जेसीबी, ट्रैक्टर, वाहन एवं अन्य संसाधन की सूची अपडेट कर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के ग्राम सेवक, पटवारी एवं एएनएम को मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद करने के निर्देश दिए हैं।

पानी बहाव क्षेत्रों का चिन्हीकरण :

उन्होंने पानी के बहाव क्षेत्र में आने वाली बस्तियों का चिन्हीकरण कर सूचना प्रेषित करने तथा बहाव अथवा डूब क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों के समीप ऊंचे स्थानों पर आवश्यकता अनुसार सरकारी भवनों को आश्रय स्थल के रूप में चिन्हीकरण कर सूचना प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने बताया कि तेज अंधड़ से विद्युत संचार प्रणाली एवं दूरसंचार सेवाएं बाधित हो सकती है इस हेतु डीजे सेट की उपलब्धता का पूर्व आंकलन कर सूची बंद करें एवं उपलब्ध डीजे सेट सरकारी अथवा गैर सरकारी की सूचना जिला कलक्टर कार्यालय को प्रेषित करें।

आमजन को सावधान करें :

उन्होंने आमजन को भारी नुकसान के प्रति सावधान करने के लिए ग्राम पंचायत एवं नगर परिषद के माध्यम से प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी मौसम के मद्देनजर किसानों को यह सलाह दी जावे कि जो फसल कट कर तैयार हो चुकी है या खेतों में अभी पड़ी है, उसे सुरक्षित स्थानों पर भंडारित किया जाए। कृषि मंडियों मे खुले आसमान में रखे अनाज को ढककर अथवा सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके। उन्होंने खेतों में लगे सोलर सिस्टम को भी अचानक तेज हवाओं से नुकसान की संभावना को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। यदि अपने आसपास मेघगर्जन की आवाज सुनाई दे या बिजली चमकती हुई दिखाई दे, तो पेड़ के नीचे अथवा कच्चे मकानों में शरण न लें। तेज अंधड से बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिरने से क्षति होने की संभावना है एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को सावधान किया जाए।

जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम :

उन्होनें बताया कि तौकते चक्रवात के उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला मुख्यालय पर 20 मार्च तक राजीव गांधी सेवा केंद्र में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके दूरभाष नंबर 02982-222226 है। उन्होनें आमजन से आपात स्थिति में कन्ट्रोल रूम पर संपर्क करने की अपील की है।

तौकते की संभावित परिस्थिति में पेट्रोलियम एवं खाद्य पदार्थ आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए ।
अतिवृष्टि एवं बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला कलक्टर (रसद) लोक बंधु ने एक आदेश जारी कर जिले के प्रत्येक रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) को 1000 लीटर डीजल, 500 लीटर पेट्रोल, प्रत्येक गैस एजेंसी को 50 सिलेण्डर गैस सिलेण्डर, प्रत्येक केरोसीन थोक विक्रेता को 5000 लीटर केरोसीन, प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम, डिपो बाड़मेर को 500 क्विंटन गेंहू तथा प्रत्येक उचित मूल्य दुकानदार को 1 क्विंटल खाद्य सुरक्षा गेंहू का स्टॉक आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर (रसद) लोक बंधु ने बताया कि राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश 1976 के क्लाज 20 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर उक्त आदेश जारी किया गया है। उन्होनेे बताया कि समस्त रिटेल आउटलेट द्वारा आरक्षित रखी जाने वाली डीजल एवं पेट्रोल की मात्रा टैंक में रहने वाले डेड स्टॉक के अतिरिक्त होगी। आरक्षित स्टॉक को जिला रसद अधिकारी, संबंधित उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदार के निर्देशानुसार वितरण किया जावेगा। उन्होनें बताया कि निर्देशों का उल्लंधन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

साइक्लोन के दौरान ऑक्सीजन सपोर्टेड मरीजों के लिए निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलक्टर लोकबंधु ने साइक्लोन तौकते के दौरान जिले के समस्त चिकित्सालयों एवं कोविड केयर सेंटर्स पर ऑक्सीजन सपोर्टेड मरीजों के लिए निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने जिले के समस्त ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों एवं कोविड केयर सेटर्स पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। उन्होने कहा कि साईक्लोन के दौरान विद्युत कटौती की स्थिति में बैकअप के पुख्ता इंतजाम किए जाए। उन्होनें डीजी जनरेटर, ऑपरेटर मय फ्यूल कि व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होने कम ऑक्सीजन फ्लो वाले मरीजों को ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर पर रखने को कहा। उन्होने ऑक्सीजन सिलेण्डर्स का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए है। उन्होनें निजी चिकित्सालयों में भी पावर बैकअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होनें कहा कि किसी भी स्थिति में ऑक्सीजन सप्लाई में बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होनें उक्त कार्यो में संपादन में किसी प्रकार की कौताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
ताऊते चक्रवात से निपटने को धरातल पर पुख्ता प्रबंध किया गया । पंचायत स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता की हिदायत दी गई । चक्रवात तौकते को अति सीवीयर साइक्लोन की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका प्रभाव सीमावर्ती क्षेत्र में अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर पड़ने की संभावना है। साइक्लोन के दौरान आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर संसाधनों की मैपिंग की जाकर उनका उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिला कलक्टर लोकबंधु ने 17 मई सोमवार को जिला कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक के दौरान यह बात कही थी । उन्होनें कहा कि निम्न क्षेत्रो, पानी भराव वालें क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करे। इस दौरान किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होनें लोगों को साइक्लोन के दौरान घरों से नहीं निकलने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रबुद्ध जनों से सम्पर्क कर उनका सहयोग लें। उन्होनें कहा कि विद्युत की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त डीजी जनरेटर की व्यवस्था की जाए। उन्होनें अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने तथा सौपें गए कार्यो को सक्रियता से संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि कोविड के दौरान ऑक्सीजन आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
नगर परिषद बाड़मेर मे कन्ट्रोल रूम स्थापित हुआ।
चक्रवर्ती तूफान तौकते के दौरान राहत कार्यो के लिए नगर परिषद बाड़मेर में कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नगर परिषद आयुक्त दिलीप कुमार पूनिया ने बताया कि नगर परिषद में स्थापित कन्ट्रोल रूम में प्रातः 6 से दोपहर 2 बजे तक सहायक प्रशासनिक अधिकारी स्वरूप कुमार शर्मा (9610446564), दोपहर 2 से रात्रि 10 बजे तक कार्यवाहक स्व. निरीक्षक कमल प्रकाश धारू (9460462625) तथा रात्रि 10 से प्रातः 6 बजे तक कनिष्ट अभियंता रितेश रंजन (9660887253) को नियुक्त किया गया है। उन्होनें बताया कि इस दौरान 4 अग्निशमन वाहन लगाए गए है, जिसके प्रभारी ओमप्रकाश टिण्डल (9414383923) है।

जल भराव क्षेत्र :

उन्होनें बताया कि बाड़मेर नगर परिषद क्षेत्र में इंदिरा सर्किल के पास, सर्किट हाउस के सामने, 132 केवीजीएसएस के पास सिणधरी रोड, सिणधरी चौराहा, लालाणियों की ढ़ाणी कुडला ग्राम के पास तथा मधुबन कॉलोनी को जल भराव क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। संभावित चक्रवाती तुफान की स्थिति में निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिये गये निर्देश । मौसम विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार आगामी दिवसों में प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम खराब होने का पूर्वानुमान है तथा यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव राज्य के बाड़मेर जिले पर अधिक पड़ सकता है। इसलिए इन परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रकाश विश्नोई ने बताया कि वर्तमान में राज्य के विभिन्न राजकीय व निजी चिकित्सा संस्थानों में कोविड-19 से प्रभावित मरीजों का उपचार किया जा रहा है तथा कतिपय मरीज आक्सीजन सपोर्ट पर भी है तथा मौसम के खराब होने के कारण विद्युत व्यवस्था में कुछ समय का अवरोध भी इन मरीजों के लिए विपरीत प्रभावकारी रहेगा।

उन्होंने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जिले जिले के समस्त चिकित्सकीय संस्थानों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करावें। इसके साथ ही आपतकालीन परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था यथा डी.जी. जनरेटर सैट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराये।
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान में उपलब्ध डी.जी.जनरेटर काफी समय से उपयोग में नही लिया गया है तो इनकी आवश्यक जांच कर ठीक करवाया जाना सुनिश्चित करायें। इसके साथ ही कोविड-19 मरीजों को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में निर्बाध आपूर्ति एवं दवाईयां की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में अत्यंत भारी बरसात का रेड अलर्ट,तौकते की वजह से प्रदेश में अलर्ट हुआ जारी । चक्रवाती तूफान तौकते का असर अब प्रदेश में भी नजर आ रहा है। 17 मई सोमवार को सिरोही में तेज हवा, आंधी और बारिश हुई और तापमान में तीन से चार डिग्री तक की कमी आई। वहीं माउंट आबू, कोटा, बीकानेर और चूरू में भी बरसात रिकॉर्ड की गई। बरसात के कारण इन जिलों के तापमान में भी कमी दर्ज की गई हैं। कोटा का दिन का तापमान 41 डिग्री से कम होकर 29.8 डिग्री, जयपुर का दिन का तापमान 39.6 से कम होकर 34.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम विभाग के मुताबिक18 और 19 मई को इस तूफान का सबसे अधिक असर होगा। प्रदेश के उदयपुर, डूंगरपुर और सिरोही में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और अत्यंत तेज बरसात का रेड अलर्ट मौसम विभाग ने जारी कर दिया है। इनके अलावा18 मई मंगलवार को पाली, उदयपुर, जालौर, डूंगरपुर और सिरोही में तीव्र मेघगर्जन के साथ अत्यंत तीव्र बरसात तकरीबन 205 मिमी तक बरसात हो सकती है। वहीं जोधपुर, कोटा और अजमेर संभाग में भारी से अति भारी बरसात होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बीकानेर संभाग में भी हल्के से मध्यम बरसात हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात का असर राजस्थान के दक्षिणी पूर्वी क्षेत्र उदयपुर, और दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर संभाग में अधिक देखने को मिलेगा। इनके अलावा जोधपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, अलवर कोटा, टोंक, अजमेर, बांसवाड़ा, जयपुर, दौसा, बूंदी सहित अन्य जिलों के लिए भी 18 और 19 मई के लिए अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।
19 मई को अजमेर, जोधपुर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज हवा, कहीं कहीं भारी से अति भारी बरसात होने की संभावना है। इन 64.5 मिमी से 204 मिमी तक बरसात होने की पूर्वानुमान मौसम विभाग ने व्यक्त किया है। 20 मई को भरतपुर संभाग के एक दो स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

प्रदेश के विभिन्न शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान - दिनांक 17 मई का -
अजमेर 33.8 26.0
जयपुर 34.6 27.4
कोटा 29.8 24.5
डबोक 31.2 24.0
बाड़मेर 40.8 31.9
जैसलमेर 41.4 29.3
जोधपुर 37.2 30.1
बीकानेर 40.6 29.1
चूरू 38.9 25.1
श्रीगंगानगर 42.3 25.8
वनस्थली 40.2
अलवर 36.4 26.6
सवाई माधोपुर 33.3 27.5
धौलपुर 33.2 28.7
करौली 33.8 28.6
पाली 37.1 32.5

【Photos Courtesy Google】# तूफान तौकते

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