√• गुजरात के सौराष्ट्र के वेरावल बंदरगाह से 1010 किमी दूर तूफान: अब खंभात की खाड़ी में प्रवेश करेगा यह तूफान / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• गुजरात के सौराष्ट्र के वेरावल बंदरगाह से 1010
किमी दूर तूफान: अब खंभात की खाड़ी में प्रवेश करेगा यह तूफान / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】 करीब 140 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात की ओर बढ़ रहा है तूफान तौकते । इससे गुजरात सरकार चिंतित है क्योंकि इस तूफान की दिशा अरब सागर में बदल रही है। तूफान के पहले कच्छ और सौराष्ट्र के तटों से टकराने की उम्मीद थी लेकिन अब खंभात की खाड़ी से गुजरात में प्रवेश करने की संभावना बनी है। मौसम विभाग ने कहा है कि गुजरात में 17 मई को 70 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवामान विभाग ने कहा कि 18 मई को तूफान की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है। अगले 24 घंटों में तूफान गति से और तेज हो जाएगा और गुजरात के तट के साथ आगे बढ़ेगा। पहले इस तूफान की दिशा सौराष्ट्र और कच्छ थी लेकिन अब इसका असर दक्षिण गुजरात से लेकर मध्य गुजरात तक देखा जा सकता है। तूफान वर्तमान में गुजरात के सौराष्ट्र जोन के बंदरगाह वेरावल से अभी 990 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में है । जो 18 मई को गुजरात के तट पर पहुंचेगा लेकिन एक निजी मौसम विज्ञान वेबसाइट के अनुसार तूफान सौराष्ट्र के तट से मध्य गुजरात में स्थानांतरित हो रहा है। हालांकि चूंकि यह अभी भी दूर है । इसकी सटीक दिशा और गति को बदलना संभव हैअगर इस दिशा में तूफान जारी रहा तो यह महाराष्ट्र, दाहोद,अहमदाबाद और वडोदरा से मध्य प्रदेश और राजस्थान की ओर आगे बढ़ सकता हैं । गुजरात में 16, 17 और 18 मई बहुत महत्वपूर्ण दिन हैं। मछुआरों को समुद्र की जुताई न करने का निर्देश दिया गया है क्योंकि 17 मई
के बाद तूफान की गति बढ़ने की संभावना है। गुजरात के सभी बंदरगाहों पर सिग्नल नंबर दो लगा दिया गया है । इस तूफान के कारण सौराष्ट्र के १४ जिलों के अलावा अब अगर यह तूफान बदलती दिशा में आगे बढ़ता है तो इसका असर दक्षिण और मध्य गुजरात के जिलों पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है ताकि संभावित तूफान से किसी के हताहत होने की खबर न हो । केंद्र सरकार भी इसमें मदद करेगी।अरब सागर में बना यह सिस्टम बीती रात करीब 2 से 10 बजे डीप डिप्रेशन में बदल गया और अगले 24 घंटों में यह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और फिलहाल यह गुजरात के वेरावल बंदरगाह से 1010 किलोमीटर दूर है ।
भारतीय मौसम विभाग की ओर से 15 मई सुबह साढ़े आठ बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक अरब सागर में लक्षद्वीप के पास बीती देर रात बना डीप डिप्रेशन 24 घंटे में तूफान में तब्दील होकर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। मौसम विभाग में चक्रवात विभाग की प्रभारी सुनीता देवी के अनुसार यह एक बड़ी प्रणाली है और यह भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ समुद्र के साथ मार्ग को खींच लेगी। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में हवा की गति में भारी वृद्धि हुई है । यह एक भीषण चक्रवाती तूफान माना जा रहा है और इसकी गति 17 मई को 140 से 150 किमी प्रति घंटे और किसी समय लगभग 160 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है । फिलहाल तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। केरल के आठ तटीय जिलों को रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान के 18 तारीख की सुबह गुजरात के तट को छूने की संभावना है।
दौरान कच्छ में संभावित 'तौकते' तूफान के संबंध में कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी। गुजरात में और विशेष रूप से तूफान की संभावना पर मौसम विभाग द्वारा हाल ही में जारी बुलेटिन के बाद कच्छ, राज्य सरकार ने जिले में एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की एक टीम आवंटित की है।टीम अध्यक्ष के स्थान पर जिले में की गई व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की गई थी। अगली तारीख 15 से 20 मई 2021 तक राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ में तूफान की संभावना के बाद जिले के सात तालुकों के 14 गांवों के लिए एहतियाती और पूर्व-तैयार व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। कलेक्टर ने जिले के सभी तालुकों के प्रांतीय अधिकारियों के साथ-साथ मुख्य अधिकारी से तूफान के संबंध में उठाए गए आवश्यक कदमों और जिले के संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा किए गए आवश्यक व्यवस्था के विवरण के बारे में जानकारी प्राप्त की थी। कलेक्टर ने सभी तालुका अधिकारियों से संभावित रूप से प्रभावित गांवों और लोगों की संख्या उनके लिए कोरोना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाए गए आश्रयों आदि का विवरण मांगा और उनसे तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था। मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मधेक को सभी आश्रय स्थलों पर स्वास्थ्य दल आवंटित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया था । कोविल ने अस्पतालों से ऑक्सीजन की कमी की स्थिति पैदा न करने के लिए पहले से ऑक्सीजन आरक्षित करने को भी कहा था। सभी तालुकाओं में सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग हटा देने के लिए जिसे उन्होंने तालुका के अधिकारियों के साथ-साथ आर एंड बी विभाग को निर्देश दिया था। जलापूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि जलापूर्ति बाधित न हो । इसके लिए आवश्यक इंतजाम करें । मत्स्य विभाग को सभी क्षेत्रों में मछुआरों और अगरियाओं( नमक बनाने वाले) को निकालने के साथ ही उनकी सभी नावों को वापस बुलाने के निर्देश दिए थे। मत्स्य पालन के सहायक निदेशक के अनुसार आज शाम 15 मई तक सभी नावें वापस कर दी जाएंगी ।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिले में एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की एक टीम आवंटित की है । निवासी अपर कलेक्टर कुलदीप सिंह जाला, भुज प्रांत मनीष गुरवानी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एम.बी. प्रजापति, जिला आपूर्ति अधिकारी डॉ. रीना चौधरी, जल आपूर्ति के मुख्य अभियंता अशोक वनरा, जिला रजिस्ट्रार वीआर कपूरिया, डीवाईएसपी जे.एम पांचाल, पीजीवीसीएल गुरुवा के अधीक्षक अभियंता, वन विभाग अधिकारी,उप सूचना निदेशक एमडी मोडासिया, मत्स्य अधिकारी, आर एंड बी इंजीनियर आरबी पांचाल, मामलातदार माबरहाट सहित आपदा के प्रभारी मामलातदार शोखा राहुल खंभरा, उप मामलातदार रमेश ठक्कर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे । इसके अलावा नलिया से अबासणा विधायक प्रव्युमनसिंह जडेजा के साथ-साथ तालुका के प्रांतीय अधिकारियों के साथ-साथ उस तालुका के संपर्क अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे। आखरी जानकारी के मुताबिक़ यह तूफान तौकते केरल में तबाही मचा कर कर्णाटक पहुंचा था । वहां से वह कोंकण की ओर आगे बढ़ सकता हैं ।
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•# तूफान तौकते#

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