√• गुजरात सरकार को अदालत की फटकार : उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकार कोरोना मामले में सटीक और पारदर्शी आंकड़े जारी करे/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• गुजरात सरकार को अदालत की फटकार : उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकार कोरोना मामले में सटीक और पारदर्शी आंकड़े जारी करे/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】गुजरात राज्य में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में राज्य में 8,000 से अधिक सकारात्मक मामले हैं। दूसरी ओर राज्य के अस्पतालों में बेड की कमी है। कोरोना के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रैमडेसीवीर इंजेक्शन की भी कमी है। इंजेक्शन लेने वाले अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। तब गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा कि वह कोरोना महामारी के बीच उचित कार्रवाई करे। इसके अलावा यह रोगियों को आवश्यक इंजेक्शन देने के साथ-साथ पारदर्शी आंकड़े प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है।
राज्य में कोरोना के सकारात्मक मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर गुजरात उच्च न्यायालय राज्य सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं दिखता है क्योंकि राज्य सरकार को उच्च न्यायालय द्वारा थप्पड़ मारा गया है। गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को सटीक और पारदर्शी आंकड़े जारी करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सरकारी पोर्टल के जरिए पारदर्शी आंकड़े जारी करने के लिए कहा है, जिस पर विश्वास संपादित किया जा सके। उच्च न्यायालय ने जनता को कोरोना की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के लिए भी कहा है। इसी समय अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
महत्वपूर्ण रूप से पिछली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने सरकार से कहा था कि गुजरात में कोरोना सुनामी आई हैं । सरकार ने केंद्र सरकार और अदालत के आह्वान पर ध्यान नहीं दिया हैं। अगर देते तो परिस्थिति अलग होती अगर सरकार पहले ही बिस्तर, इंजेक्शन, ऑक्सीजन तैयार कर लेती तो यह परिस्थिति नहीं होती। कोई नहीं कहता मगर आपके इरादे बुरे थे।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

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