√• मोदीजी की मन की बात : कोरोना तूफान ने झकझोरा, एकजुटता से मिलेगी विजय...पढ़िए, पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

√• मोदीजी की मन की बात : कोरोना तूफान ने झकझोरा, एकजुटता से मिलेगी विजय...पढ़िए, पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें / रिपोर्ट स्पर्श देसाई


【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया. 'मन की बात' कार्यक्रम का यह अब तक का 76वां और इस साल का 4 संस्करण था । रविवार 25 अप्रैल को इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना से निपटने के तरीकों और वैक्सीनेशन की चर्चा की थी । संक्रमण की वृद्धि को देखते हुए पीएम मोदी? ने देश की जनता से भी खास अपील की और साथ ही 'दवाई भी-कड़ाई भी' का मंत्र भी दोहराया था।  प्रधानमंत्री ने आज कोरोना के संकट काल में जनता द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ भी की थी ।

पीएम मोदी ने दूसरी लहर को तूफान बताया :
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद देश हौसले और आत्मविश्वास से भरा हुआ था, लेकिन इस तूफान (दूसरी वेव) ने देश को झकझोर दिया है । उन्होंने कहा कि बीते दिनों इस संकट से निपटने के लिए, मेरी अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट के साथ, विशेषज्ञों के साथ लंबी चर्चा हुई है । हमारी फार्मा इंडस्ट्री के लोग हों, वैक्सीन निर्माता हों, ऑक्सीजन के उत्पादन से जुड़े लोग हों या फिर मेडिकल फील्ड के जानकार, उन्होंने, अपने महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को दिए हैं ।

लोगों को डॉक्टर्स से सलाह लेने की अपील :
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपने फेमिली डॉक्टर्स से सलाह लेने की अपील की थी । उन्होंने कहा था कि इस समय हमें इस लड़ाई को जीतने के लिए, एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिक सलाह को प्राथमिकता देनी है । मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयत्नों को आगे बढ़ाने में भारत सरकार पूरी शक्ति से जुटी हुई है । राज्य सरकारें भी अपना दायित्व निभाने की पूरी कोशिश कर रही हैं । उन्होंने कहा कि कि आपको अगर कोई भी जानकारी चाहिए हो, कोई आशंका हो तो सही सोर्स से ही जानकारी लें । अपने फैमिली डॉक्टर, आसपास के डॉक्टर को संपर्क करके उनसे सलाह लीजिए ।

डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स अब बीमारी पर ज्यादा अनुभव :
उन्होंने कहा था कि कई डॉक्टर्स सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जानकारी दे रहे हैं । फोन पर, व्हॉट्सअप पर भी काउंसलिंग कर रहे हैं । कई हॉस्पिटल की वेबसाइटें हैं, जहां जानकारियां भी उपलब्ध हैं और वहां आप डॉक्टर्स से, परामर्श भी ले सकते हैं । पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ इस समय बहुत बड़ी लड़ाई देश के डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स लड़ रहे हैं । पिछले एक साल में उन्हें इस बीमारी को लेकर हर तरह के अनुभव भी हुए हैं । कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने मुंबई के डॉक्टर शशांक से बातचीत की और उनके अनुभव साझा किए थे।

लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की :
मन की बात कार्यक्रम में श्रीनगर के डॉक्टर नावीद नजीर शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपना अनुभव साझा किया था । साथ ही पीएम मोदी ने लोगों से अफवाहों से भी बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट काल में वैक्सीन की अहमियत सभी को पता चल रही है, इसलिए मेरा आग्रह है कि वैक्सीन को लेकर किसी भी अफवाह में न आएं । उन्होंने कहा कि आप सभी को मालूम भी होगा कि भारत सरकार की तरफ से सभी राज्य सरकारों को फ्री वैक्सीन भेजी गई है, जिसका लाभ 45 साल की उम्र के ऊपर के लोग ले सकते हैं । अब तो 1 मई से देश में 18 साल के ऊपर के हर व्यक्ति के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने वाली है ।

लोगों को फ्री वैक्सीन का वादा :
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फ्री वैक्सीन आगे भी दिए जाने की बात कही थी । उन्होंने कहा था कि भारत सरकार की तरफ से अभी मुफ्त वैक्सीन का जो कार्यक्रम चल रहा है, वो आगे भी चलता रहेगा । मोदी ने कहा कि मेरा राज्यों से भी आग्रह है कि वो भारत सरकार के इस मुफ्त वैक्सीन अभियान का लाभ अपने राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ।

नर्सिंग स्टाफ की तारीफ की :
इस दौरान पीएम मोदी ने नर्सिंग स्टाफ की तारीफ की थी । उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि बीमारी में हमारे लिए अपनी, अपने परिवार की देखभाल करना, मानसिक तौर पर कितना मुश्किल होता है लेकिन हमारे अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ को तो, यही काम, लगातार, कितने ही मरीजों के लिए एक साथ करना होता है । पीएम मोदी ने रायपुर के डॉक्टर बी.आर. आम्बेडकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहीं सिस्टर भावना ध्रुव से कोविड काल में उनके अनुभव के बारे में बातचीत की थी।

एंबुलेंस चालक की भी तारीफ की :
पीएम मोदी ने कहा था कि कोरोना से लड़ने के लिए सकारात्मकता बहुत ज्यादा जरूरी है और देशवासियों को इसे बनाए रखना है । उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स और स्टाफ के साथ-साथ इस समय लैब टैक्नीशियन और एंबुलेंस चालक जैसे फ्रंटलाइन वर्कर्स भी भगवान की तरह ही काम कर रहे हैं । जब कोई एंबुलेंस किसी मरीज तक पहुंचती हैं तो उन्हें एंबुलेंस ड्राइवर देवदूत जैसा ही लगता है । इन सबकी सेवाओं के बारे में इनके अनुभव के बारे में, देश को जरुर जानना चाहिए । मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में जितने भी जीवन बच रहे हैं, उसमें एंबुलेंस चालक का भी बहुत बड़ा योगदान है ।

पीएम मोदी ने गांवों का जिक्र किया:
कोरोना संकट को लेकर पीएम मोदी ने गांवों का भी जिक्र किया । उन्होंने कहा कि इस बार गांवों में भी नई जागरूकता देखी जा रही है । कोविड नियमों का सख्ती से पालन करते हुए लोग अपने गांव की कोरोना से रक्षा कर रहे हैं । जो लोग बाहर से आ रहे हैं उनके लिए सही व्यवस्थाएं भी बनाई जा रही हैं । उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग कोने में इस चुनौतीपूर्ण समय में भी स्वयं सेवी संगठन आगे आकर दूसरों की मदद के लिए जो भी कर सकते हैं वो करने का प्रयास कर रहे हैं । मोदी ने कहा कि देश एक बार फिर एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है ।

देशवासी जी-जान से कोरोना से लड़ रहे- मोदी:
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि एक तरफ देश दिन-रात अस्पतालों, वेंटिलेटर्स और दवाईयों के लिए काम कर रहा है तो दूसरी ओर देशवासी भी जी-जान से कोरोना की चुनौती का मुकाबला कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि ये भावना हमें कितनी ताकत देती है, कितना विश्वास देती है । ये जो भी प्रयास हो रहे हैं, समाज की बहुत बड़ी सेवा है । ये समाज की शक्ति बढ़ाते हैं. मोदी ने कहा कि आज ‘मन की बात’ की पूरी चर्चा को हमने कोरोना महामारी पर ही रखा, क्योंकि आज हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इस बीमारी को हराना हैं ।

'दवाई भी, कड़ाई भी' का मंत्र दोहराया :
पीएम मोदी ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर हम अपने जीवन में जितनी कुशलता से अपने कर्तव्यों को निभायेंगे. संकट से मुक्त होकर भविष्य के रास्ते पर उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेंगे । इसी कामना के साथ मैं आप सभी से एक बार फिर आग्रह करता हूं कि वैक्सीन हम सब को लगवाना है और पूरी सावधानी भी रखनी है । उन्होंने कहा कि दवाई भी, कड़ाई भी- इस मंत्र को कभी भी नहीं भूलना है । हम जल्द ही साथ मिलकर इस आपदा से बाहर आएंगे ।
पीएम मोदी ने की मन की बात में कहा था कि वैक्सीन की अहमियत सभी को पता चल रही, किसी अफवाह में न आएं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के इस 76वें एपिसोड के दौरान देशवासियों से बात की और अपना संदेश दिया था।  मन की बात के तहत पीएम ने कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की अहमियत सभी को पता चल रही है। किसी अफवाह में न आएं। केंद्र सरकार की तरफ से सभी राज्य सरकारों को फ्री वैक्सीन भेजी गई है। 45 साल की उम्र के ऊपर के लोग इसका लाभ ले सकते हैं। एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगेगी।
उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त वैक्सीन का कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। मेरा राज्यों से भी आग्रह है कि वो भारत सरकार के मुफ्त वैक्सीन अभियान का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
सबसे पहले  पीएम मोदी ने मुंबई के डॉ. शशांक से बात की थी। इस दौरान डॉ. शशांक ने बताया कि लोग बहुत देर से ट्रीटमेंट शुरू करते हैं। सरकारी सूचनाओं का पालन करें तो इस कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। हल्के कोविड के लिए हम ऑक्सीजन मॉनिटर करते हैं, बुखार देखते हैं। बुखार बढ़ने पर पैरासिटामॉल देते हैं। मध्यम कोविड में डॉक्टर के साथ संपर्क जरूरी है। सही और सस्ती दवाई लेनी चाहिए। ऑक्सीजन भी देनी पड़ती है। अक्सर क्या हो रहा है कि रेमडेसिविर है, इसकी वजह से अस्पताल में कम दिन रहना पड़ता है। इसके शुरुआती इस्तेमाल से ही फायदा है, लेकिन इसके पीछे दौड़ना नहीं चाहिए। डॉक्टरों के बताने पर ही लें। प्राणायाम से फायदा होगा। खून पतला करने वाले इंजेक्शन से लोग ठीक हो जाते हैं। सलाह लेना जरूरी है। महंगी दवाइयों के पीछे दौड़ना जरूरी नहीं है।
इसके बाद  पीएम मोदी ने डॉ. नाबिद से बात की थी। इस दौरान नाबिद ने कहा था कि खौफ का माहौल था, कोविड को मौत ही मानने लगे थे लोग। अस्पतालों के स्टाफ में भी खौफ का माहौल था। वक्त गुजरने के साथ हमने देखा कि प्रोटेक्टिव गियर और सावधानियों से सभी सेफ रह सकते हैं। हमने देखा कि 90-95% मरीज बिना दवाइयों के ठीक हो रहे हैं। सेकंड वेव में भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। प्रोटेक्टिव रास्तों और प्रोटोकॉल का पालन करेंगे तो सेफ रहेंगे। मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग रखें। हमारे मुल्क में दो वैक्सीन कोवैक्सिन और कोवीशील्ड हैं। जम्मू-कश्मीर की बात है तो यहां 15-16 लाख लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। सोशल मीडिया पर साइड इफेक्ट को लेकर भ्रम था। अभी तक हमें ये देखने को नहीं मिले हैं। आम वैक्सीन में बुखार आदि आना आम है। वैक्सीन के बाद लोग पॉजिटिव हो सकते हैं, लेकिन बीमारी गंभीर नहीं होगी। जानलेवा नहीं साबित होगी।
कोरोना मरीजों के बीच रहने वाली नर्सों से भी बात की पीएम मोदी ने रायपुर की सिस्टर भावना से बात की। भावना ने बताया कि मेरा कोविड का अनुभव 2 महीने का है। हम 14 दिन ड्यूटी करते हैं और फिर हमें रेस्ट दिया जाता है। जब मेरी ड्यूटी लगी तो मैंने अपने परिवार से ये बात शेयर की थी। वो सभी डर गए और घबरा गए थे। इमोशनल हालात बन गए और बेटी ने पूछा कि आप ड्यूटी पर जा रहे हैं? जब मैं कोविड स्टेशन के पास गई तो वहां मरीज इतना डरे हुए थे कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। हम उनके डर को कैसे दूर करें इसके लिए हमने अच्छा वातावरण दिया। हमें सबसे पहले पीपीई किट पहनने को कहा गया था। इसे पहनकर ड्यूटी करना बहुत मुश्किल है। मुझे नहीं पता था कि हमारी साथी कौन हैं। हम लोगों ने मिलकर मरीजों का डर दूर किया था। मरीजों को सभी लक्षण थे लेकिन वो टेस्ट नहीं करवाते थे। देर कर देते थे और लंग्स में इंफेक्शन बढ़ जाता था। हमने सभी तरह के पेशेंट देखे तो उन्होंने कहा कि हम डर की वजह से नहीं आ पाए। डर ठीक नहीं होता है, आप हमारा साथ दीजिए और हम आपका साथ देंगे। इसके बाद  पीएम मोदी ले बेंगलुरु से सिस्टर सुरेखा से बात की थी। सुरेखा ने कहा कि जिम्मेदार नागरिक होने के नाते जल्द से जल्द टेस्ट करवाएं। अगर कोई लक्षण दिखाई दे तो खुद को आइसोलेट कर लें। घबराएं ना, पॉजिटिव रहें। मैंने वैक्सीन लगवाई है। वैक्सीन लगवाने से घबराएं नहीं। कोई वैक्सीन 100% सुरक्षा नहीं देती है। इम्युनिटी डेवलप होने में वक्त लगता है लेकिन इसे लगवाएं। काढ़ा पिएं, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। फ्रंट लाइन वर्कर्स के साथ सहानुभूति रखें। हम आप लोगों के लिए काम कर रहे हैं, आपके सहयोग की जरूरत है हम लोगों को।

एंबुलेंस ड्राइवर का भी अनुभव जाना:
पीएम मोदी ने कहा था कि, "एंबुलेंस ड्राइवर प्रेम वर्मा जी है। प्रेम वर्मा जी अपने काम और कर्तव्य को प्रेम और लगन से करते हैं। उनसे बात करते हैं।' इसके बाद प्रेम ने कहा, "मैं ड्राइवर हूं। हमें जैसे ही कॉल आती है, हम पेशेंट के पास जाते हैं। दो साल से लगातार काम कर रहे हैं। किट, ग्लव्स, मास्क पहनकर हम उन्हें अस्पताल तक पहुंचाते हैं। वैक्सीन की दोनों डोज लग गई हैं मुझे। सभी को ये डोज लगनी चाहिए। मेरी मां ने कहा कि नौकरी छोड़ दो। मैंने कहा कि तब पेशेंट को कौन छोड़ने जाएगा। अभी सभी नौकरी छोड़ रहे हैं और मैं नौकरी नहीं छोड़ूंगा।' मोदी ने कहा कि आपकी मां को प्रणाम कहता हूं। सभी एंबुलेंस चलाने वालों की मां क्या सोचती हैं, जब ये बात करोड़ों लोग जानेंगे तो उन्हें ये बात छू जाएगी।

कोरोना सर्वाइवर से भी बात की :
पीएम मोदी ने कहा था कि गुरुग्राम की प्रीति चतुर्वेदी जी ने कोरोना को हराया है। उनके अनुभव हमारे काम आएंगे। उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए सराहना देता हूं। इस पर प्रीति ने कहा, "मुझे पहले बहुत सुस्ती थी, फिर खराश होने लगी। मैंने टेस्ट कराया और रिपोर्ट आते ही मैंने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया। डॉक्टरों से सलाह लेकर मैंने इलाज शुरू कर दिया। मैंने जरूरत का सारा सामान रखकर कमरे में खुद को बंद कर लिया। मेडिटेशन के साथ योग किया, काढ़ा लिया, हेल्दी फूड खाया, पानी पिया, गर्म पानी पिया, प्रोटिन रिच डाइट ली। घबराना नहीं है, पॉजिटिव रहना बहुत जरूरी है। मैंने योग और काढ़ा बंद नहीं किया है। हेल्दी फूड अभी भी जारी है।'पिछली बार इन पर अपनी बात रखी थी ।
इससे पहले उन्होंने अपने मन की बात 28 मार्च को की थी। इस दौरान उन्होंने प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए पर्यावरण को बचाने की दिशा में प्रयास करने पर बल दिया था। इसके लिए उन्होंने हर बार की तरह प्रेरणा देने वाले कुछ उदाहरण भी दिए थे, जिनमें ऐसे लोगों के बारे में बताया गया था जो प्रकृति को बचाने के लिए कई बड़े प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने गौरिया और लाइट हाउस टूरिज्म के साथ अमृत महोत्सव, जनता कर्फ्यू, सदाबहार जंगलों आदि का जिक्र किया था।【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•

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