√•सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल, कहा- वैक्सीन के दाम अलग क्यू? 100% खरीदी क्यू नही? ऑक्सीजन पर प्लान /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√•सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल, कहा- वैक्सीन के दाम अलग क्यू? 100% खरीदी क्यू नही? ऑक्सीजन पर प्लान /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र और राज्य सरकारें निरक्षरों का वैक्सीन पंजीकरण कैसे कराएंगी जिनके पास इंटरनेट नहीं है ? जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण नीति का पालन किया जाना चाहिए । सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि वह कोरोना वैक्सीन की 100% खुराक क्यों नहीं खरीद रहा है ।
इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि कोरोना पर सूचना के प्रसार पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना संबंधी सूचना पर रोक अदालत की अवमानना मानी जाएगी और इस सबंध में पुलिस महानिदेशकों को निर्देश जारी किए जाएं । सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि सूचनाओं का मुक्त प्रवाह होना चाहिए, हमें नागरिकों की आवाज सुननी चाहिए । सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मद्देनजर स्वतः संज्ञान के तहत हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बारे में कोई पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिए कि नागरिकों द्वारा इंटरनेट पर की जा रही शिकायतें गलत हैं । सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि यहां तक कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं । अदालत ने कहा कि स्थिति खराब है ।
पूछा क़ि रेमेडेसिविर जैसी दवाओं को कब उपलब्ध कराया जाएगा । कोर्ट ने यह भी पूछा है कि राज्यों और केंद्र के बीच वैक्सीन की अलग-अलग कीमत के पीछे क्या तर्क है ?और कोरोना को काबू करने के लिए केंद्र किन प्रतिबंधों, लॉकडाउन पर विचार कर रहा है? SC ने 30 अप्रैल शुक्रवार को कहा कि हमने देश के विभिन्न मामलों के विभिन्न मुद्दों की पहचान की है और हमारी सुनवाई का उद्देश्य राष्ट्रीय हित के मुद्दों की पहचान करना और संवाद की समीक्षा करना है । SC ने यह भी पूछा कि रेमेडेसिविर के आवंटन के पीछे क्या प्रणाली है? और बेड पर केंद्र और राज्यों के बीज जिम्मेदारी किस तरह बांटी गई है ?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि दिल्ली को 700 MT टन की जरूरत है तो 480 क्यों आवंटित किया गया है? दिल्ली में लोगों को जरूरत है तो 200 MT और बढ़ा सकते हैं । दिल्ली के नागरिकों के लिए केंद्र की भी जिम्मेदारी है । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र की दिल्ली के प्रति विशेष जिम्मेदारी है । दिल्ली के पास संसाधनों की की कमी है । दिल्ली में अलग-अलग राज्यों के लोग हैं । दिल्ली पर भी केंद्र ध्यान दे । SC ने कहा कि एक नेशनल अथॉरिटी के तौर पर केंद्र की राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक जिम्मेदारी बनती है और आप नागरिकों के लिए जवाबदेह हैं । SC ने केंद्र से पूछा कि क्या भारत में O2 की उपलब्धता पर्याप्त है? प्रति दिन 8,500 मीट्रिक टन की औसत मांग है । इस पर केंद्र ने कहा कि 10000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दैनिक आधार पर उपलब्ध है फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है लेकिन राज्यों द्वारा अपर्याप्त साधनों के कारण कुछ क्षेत्रों में उपलब्धता कम हो सकती है ।
दौरान कोरोना मामले पर SC का आया बड़ा आदेश । सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की पोस्ट करने वालों पर नहीं करें कार्रवाई ।
सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन, बेड, दवाओं आदि की पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी । कोई भी सरकार किसी नागरिक द्वारा सोशल मीडिया पर डाली जानकारी पर कार्रवाई नहीं करेगी । सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों व डीजीपी को आदेश देते हुए कहा है कि अगर अफवाह फैलाने के नाम पर कार्यवाही की तो अवमानना का मामला चलाएंगे ।
SC ने 30 अप्रैल शुक्रवार को कहा कि हमने देश के विभिन्न मामलों के विभिन्न मुद्दों की पहचान की हैऔर हमारी सुनवाई का उद्देश्य राष्ट्रीय हित के मुद्दों की पहचान करना और संवाद की समीक्षा करना है । इसे फैसला करने वालों के लिए विचार के लिए किया जा रहा है । इस दौरान केंद्र सरकारक की ओर से कहा गया कि हम इस पर पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दे सकते हैं । 【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

Comments
Post a Comment
आपके अभिप्राय हमारे लिए महत्व रखते हैं..