√• वकील की बात सुन सुप्रीम कोर्ट के जज ने रख लिया सिर पर अपना हाथ, कहा- कोरोना से हालात बुरे हैं / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• वकील की बात सुन सुप्रीम कोर्ट के जज ने रख लिया सिर पर अपना हाथ, कहा- कोरोना से हालात बुरे हैं / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】कोरोना वायरस के कारण वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की सभी सुनवाई डिजिटल तरीके से हो रही है । 29 अप्रैल गुरुवार दोपहर को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जस्टिस यू यू ललित, जस्टिस इंद्रा बैनर्जी और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच ने सुनवाई हुई थी । मामले की सुनवाई की तैयारी के लिए सभी वकील बहस की तैयारी कर रहे थे, तभी वकील कैलाश वासुदेव ने कोर्ट को बताया की उनके क्लाइंट मालवेंदर मोहन सिंह की तबियत ठीक नहीं है और अस्पताल में एडमिट होने के लिए वो लगातार कोशिश कर रहे हैं ।
वकील की ये बात सुनते ही जस्टिस यू यू ललित ने अपना सिर नीचे कर लिया और अपने सिर पर हाथ रखते हुए कहा की आज कल बहुत मुश्किल है किसी को अस्पताल में दाखिल करना। उन्होंने कहा कि स्थितियों का बुरा हाल है । अस्पताल में एडमिट होने और दवा लेने के लिए लोग परेशान हैं ।
सुप्रीम कोर्ट के जज के मुंह से इस तरह की बात सुनने के बाद वकील कैलाश वासुदेव ने कोर्ट को बताया कि कैसे लोग अस्पताल में एडमिट होने और ऑक्सीजन और दवा लेने के लिए परेशान हैं । इस मामले में वकील मीनाक्षी अरोरा भी बहस के लिए शामिल हुईं थी । उन्होंने बताया की उनको सुप्रीम कोर्ट ने करोना के मामले में सलाहकार नियुक्त किया गया है । इसलिए उन्होंने देश भर के डॉक्टर और एक्सपर्ट से बात की है । क्या करना है और कैसे हालात को संभाला जाएगा किसी को नहीं पता मीनाक्षी अरोरा ने कहा की किसी भी एक्सपर्ट को पता नहीं है की क्या करना है और कैसे हालात को संभाला जाएगा ? उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस से पूरे देश का हाल खराब है ।
आखिर क्यों नहीं मिल पा रहा है वैक्सीनेशन के लिए अपॉइंटमेंट ? जानें, असली वजह :
सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीन की कीमत पर उठाए थे सवाल
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से बिगड़े हालात पर स्वतः संज्ञान लिया था और केंद्र सरकार से महामारी को लेकर क्या तैयारियां की गई हैं, इसका जवाब मांगा था । कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि वैक्सीन की अलग अलग कीमतें क्यों सामने आ रही हैं? वैक्सीन की अलग अलग कीमतों पर केंद्र सरकार क्या कर रही है । इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि ये राष्ट्रीय आपदा का समय है, हम चुप तो नहीं बैठ सकते हैं ।【 Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•नं

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