√• वैज्ञानिकों खोजा लावा से भी ज्यादा गर्म ‘नर्क’ ग्रह, धातु तक बन जाती है भाप / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• वैज्ञानिकों खोजा लावा से भी ज्यादा गर्म ‘नर्क’ ग्रह, धातु तक बन जाती है भाप / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】हमारे ब्रह्माण्ड में करोड़ों तारे हैं जिनका अपना सौरमंडल है । वैज्ञानिकों को पूरा विश्वास है कि इन बाह्यग्रहों में कुछ ऐसे भी होने चाहिए जिनमें जीवन हो सकता है । इसीलिए वे बाह्यग्रहों (Exoplanet) के अध्ययन में विशेष दिलचस्पी लेते हैं । इसी खोजबीन में ऑस्ट्रेलिया के खगोलभैतिकविदों ने ऐसा ही एक ग्रह खोजा है जिसे उन्हें नर्क की दुनिया (Hellish World) कहा है । शोधकर्ताओं का मानना है कि यह ब्रह्माण्ड का अब तक का खोजा गया सबसे गर्म ग्रह (Hottest Planet) है ।
कितना अधिक तापमान ?
ऑस्ट्रेलिया की साउदर्न क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी की टीम ने बताया कि इस ग्रह पर दिन का तापमान करीब 2700 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है । इस ग्रह को नाम TOI-1431b या MASCARA-5b दिया गया है । यह पृथ्वी से केवल 490 प्रकाश वर्ष की दूरी स्थित है । खगोलीय दृष्टिकोण से यह बहुत ज्यादा बड़ी दूरी नहीं है ।
रात को भी बहुत गर्म :
इस ग्रह की गर्माहट के बारे में बात करते हुए खगोलभैतिकवदों ने बताया कि यह एक तरह से नर्क की दुनिया है । जहां तापमान 2700 डिग्री तक पहुंच जाता है जबकि रात को यह तापमान 2300 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं जाता पाता हैं । इसके वायुमंडल में किसी तरह के जीवन के पनपने की संभावना नहीं हैं । यह बाह्यग्रह (Exoplanet) अपने सूर्य के बहुत ही पास होने के कारण बहुत गर्म है ।
दो कारणों से रोचक :
एक बयान में यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ ब्रेट एडिसन ने बताया कि वास्तव में इस ग्रह का रात का तापमान दुनिया का दूसरा सबसे अधिक मापा गया तापमान है । यह बहुत ही दिलचस्प खोज है क्योंकि यह अब तक के सबसे गर्म रहे तारे का ग्रह है । इसके साथ ही एडिसन ने बताया कि इसके दिलचस्प होने की दूसरी वजह यह है कि यह अब तक का खोजा गया सबसे गर्म ग्रह है । खोजा गया हैं पृथ्वी के पास और अब तक सबसे छोटा ब्लैक होल, नाम है द युनिकोर्न ।
धातुओं का हाल :
इस ग्रह के इतना ज्यादा गर्म होने की वजह यह है कि यह अपने तारे के बहुत ही पास स्थित है । हैरानी की बात यह भी है कि MASCARA-5b ग्रह का तापमान बहुत सारी धातुओं के गलानांक से ज्यादा इसका मतलब यह है कि इसमें टाइटेनियम (जिसका गलनांक 1670 डिग्री है) प्लैटीनियम (जिसका गलनांक 1770 डिग्री) है । इस ग्रह का तापमान आसानी से इन धातुओं को बाष्पीकृत कर सकता है । लगभग सभी धातुओं के गलनांक 2000 डिग्री सेल्सियस से कम हैं और यहां पर ये आसानी से तरल तो क्या बाष्प बाफ में बदल सकते हैं । इस बाह्यग्रह (Exoplanet) की कक्षा उसके सूर्य के घूर्णन की विपरीत दिशा में चली जाती है ।
एक अजीब बात ओर :
इस ग्रह की एक और खास बात है, वह यह कि उसकी कक्षा एक समय वक्री या प्रतिगामी हो जाती है यानि वह पीछे की ओर घूमता दिखाई देता है । डॉ. एडिसन ने बताया, “यदि आप सौरमंडल को देखते हैं तो सभी ग्रह सूर्य की घूमने की दिशा में ही उसका चक्कर लगाते हैं और वे एक ही तल पर होते हैं । इस नए ग्रह की कक्षा इतनी झुकी हुई है कि यह वास्तव में अपने तारे की घूर्णन की विपरीत दिशा में जा रहा है ।
अगर नौवां ग्रह है तो कहीं और ही होना चाहिए । उसे
जानिए, क्या कहती है नई जानकारी?
MASCARA-5b शुरु में नासाके ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) और कैनरी द्वीपों के स्टैलर ऑबजर्वेशन नेटवर्क ग्रुप (SONG) के अवलोकनों और अध्ययन के जरिए देखा गया था । यह ग्रह खगोलविदों द्वारा गर्म गुरू ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है ।खगोलविद हर बाह्यग्रह का गहाराई से अध्ययन करने का प्रयास करते हैं ।जिससे वे समझ सकते हैं किसी ग्रह के वातावरण को निर्मित करने वाले कारक कौन से होते हैं ? (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

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