√• कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, वैक्सीन-ऑक्सीजन उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफ / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, वैक्सीन-ऑक्सीजन उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफ / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार 24 अप्रैल को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कोविड वैक्सीन और 16 तरह के ऑक्सीजन उपकरणों के आयात पर बेसिक ड्यूटी अगले तीन महीनों के लिए हटाने का निर्णय हुआ था । प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ऑक्सीजन संकट से उबारने के लिए सभी मंत्रालयों से मिलकर काम करने पर जोर दिया है । इस दौरान कोविड मरीजों के लिए लाभदायक ऑक्सीजन आदि से जुड़े कुल 16 उपकरणों के आयात पर लगने वाले कस्टम शुल्क को माफ करने का निर्णय हुआ था ।
इसमें मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, ऑक्सीजन फिलिंग सिस्टम, ऑक्सीजन जनरेटर, हाई फ्लो नसल, ऑक्सीजन पैदा करने वाले सभी तरह के उपकरणों को अगले तीन महीनों तक बेस्टिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का निर्णय लिया गया था । इसके अलावा विदेशों से कोविड वैक्सीन के आयात पर भी अगले तीन महीनों तक बेसिक कस्टम ड्यूटी को माफ करने का निर्णय हुआ, ताकि देश में इन सामानों की कम दाम पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके ।
प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्रालय को इन उकरणों के आयात के लिए क्लियरेंस को जल्द से जल्द करने को कहा. जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने कस्टम्स के ज्वाइंट सेक्रेटरी गौरव को ऑक्सीजन से जुड़े सभी उपकरणों के आयात पर कस्टम से छूट क्लियरेंस के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया । इस बैठक में वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, नीति आयोग के सदस्य, एम्स के डायरेक्टर सहित प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे थे ।
निम्नलिखित वस्तुओं के आयात पर बेसिक सीमा शुल्क और स्वास्थ्य उपकर से पूरी छूट देने का निर्णय लिया गया ।
मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन प्रवाह मीटर, नियामक, कनेक्टर्स और टयूबिंग के साथ-साथ ऑक्सीजन सांद्रता वैक्यूम दबाव स्विंग अवशोषण (VPSA) और दबाव स्विंग अवशोषण (PSA) ऑक्सीजन संयंत्र, क्रायोजेनिक ऑक्सीजन वायु पृथक्करण इकाइयों (ASU) तरल /गैसीय ऑक्सीजन का उत्पादन
ऑक्सीजन कनस्तर ऑक्सीजन भरने की व्यवस्था
ऑक्सीजन भंडारण टैंक, ऑक्सीजन सिलेंडर जिसमें क्रायोजेनिक सिलेंडर और टैंक शामिल हैं ।
ऑक्सीजन जेनरेटर :
शिपिंग ऑक्सीजन के लिए आईएसओ कंटेनर
ऑक्सीजन के लिए क्रायोजेनिक रोड ट्रांसपोर्ट टैंक
ऑक्सीजन के उत्पादन, परिवहन, वितरण या भंडारण के लिए उपकरणों के निर्माण के लिए उपरोक्त भागों का उपयोग किया जाना है ।
कोई अन्य उपकरण जिससे ऑक्सीजन उत्पन्न की जा सकती है ।वेंटिलेटर (नाक प्रवाह के साथ उच्च प्रवाह उपकरणों के रूप में कार्य करने में सक्षम); सभी सामान और ट्यूबिंग सहित कंप्रेशर्स; humidifiers और वायरल फिल्टर सभी संलग्नक के साथ उच्च प्रवाह नाक प्रवेशिका डिवाइस गैर-इनवेसिव वेंटिलेशन के साथ उपयोग के लिए हेलमेट
आईसीयू वेंटिलेटर के लिए गैर-इनवेसिव वेंटिलेशन ओरोनसाल मास्क आईसीयू वेंटिलेटर के लिए गैर-इनवेसिव वेंटिलेशन नाक मास्क ।
दौरान कोरोना वैक्सीन, ऑक्सीजन और उससे जुड़े उपकरणों पर अगले 3 महीनों के लिए सीमा शुल्क माफ किया गया । ऑक्सीजन संबंधित उपकरणों और सामानों पर सीमा शुल्क तत्काल प्रभाव से 4 महीने के लिए माफ कर दिया गया हैं ।साथ ही कोरोना वैक्सीन लगने वाले सीमा शुल्क पर भी छूट दी गई है । देश में गहराते ऑक्सीजन संकट और 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीन लगाने से पहले यह फैसला लिया गया है । बता दें कि सरकार इस समय विदेशों से आने वाले टीकों पर 10 प्रतिशत सीमा शुल्क या आयात शुल्क और 16.5 प्रतिशत आई-जीएसटी तथा सामाजिक कल्याण सेस लगाती थी । इन टैक्सों के चलते आयातित टीके सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के मुकाबले महंगे हो जाएंगे । सरकार के इस फैसले के बाद अब टीकों की कीमत कम देखने को मिलेगी ।
ऑक्सीजन को लेकर देश की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी है । तमाम प्रयासों के बावजूद देश के कई बड़े अस्पताल इसकी कमी का हवाला दे चुके हैं, सैकड़ों मरीज सिर्फ ऑक्सीजन की कमी के चलते काल के गाल में समा रहे हैं ऐसें सरकार ने ऑक्सीजन संबंधित किसी भी उपकरण पर सीमा शुक्ल हटाकर उसे सीधे जरूरतमंद कर पहुंचने का रास्ता साफ दिया है ।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

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