√• नया कानून : उपभोक्ता ऐसे करे मिथ्या वर्णन, मिलावट, भ्रामक विज्ञापन, जमाखोरी, अधिक दाम, कम तौल य़ा हित अनदेखी की शिकायत /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• नया कानून : उपभोक्ता ऐसे करे मिथ्या वर्णन, मिलावट, भ्रामक विज्ञापन, जमाखोरी, अधिक दाम, कम तौल य़ा हित अनदेखी की शिकायत /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
लेकिन ये तमाम प्रावधान तभी असर दिखाएंगे जब ये कानून पूरी तरह अमल में आएगा । ऐसे में आज हम आपको इस नये कानून के बारे में जरूरी जानकारी दे रहे हैं ।
घर बैठे शिकायत और समाधान की सहूलियत :
नया कानून लागू होने से अब कंपनियों पर केस करना आसान हो गया है । उपभोक्ताओं की शिकायतों को दर्ज करने के लिए कंजूमर मंत्रालय का edaakhil पोर्टल शुरू किया है । ये कंजूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 (Consumer Protection Act, 2019) का असर है । इस पोर्टल पर अब घर बैठे केस की फाइलिंग हो सकती है । NCRDC यानी Con. दिल्ली, और महाराष्ट्र आयोग जोड़े गए हैं । अमरावती, नासिक, पुणे जिला आयोग जुड़े हैं । जल्दी सभी राज्य और जिला कमीशन जुड़ेंगे । इससे अब केस दर्ज कराना और उसका स्टेटस जानना आसान होगा ।
ऑनलाइन पोर्टल पर डिटेल में शिकायत करने की प्रक्रिया :
कंज्यूमर शिकायत के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://edaakhil.nic.in/ बनाया गया है । इस पर फाइलिंग प्रक्रिया बताई गई है । इसको समझने को लिए वीडियो देखें या लिखित ट्यूटोरियल । इसमें शिकायत करने और जवाब देने की प्रक्रिया ।अपील करने, फीस और प्रत्युत्तर देने की प्रक्रिया का पूरा विवरण दिया गया है । इसमें नए कंज्यूमर कानून की पूरी जानकारी दी गई है ।
क्या है नया कंज्यूमर कानून :
नए कंज्यूमर कानून के तहत भ्रामक विज्ञापन देने पर कार्रवाई हो सकती है । किसा कंपनी के खिलाफ शिकायत होने पर देश के किसी भी कंज्यूमर कोर्ट में केस हो सकता है । Online और Teleshopping कंपनियां भी इसके दायरे में शामिल हैं । खाने-पीने की चीजों में मिलावट पर जेल हो सकती है । नए कानून में कंज्यूमर मीडिएशन सेल के गठन का भी प्रावधान है । आपसी सहमति से मीडिएशन में जाया जा सकता है । कंज्यूमर फोरम में PIL (जनहित याचिका) भी डाली जा सकती है । कंज्यूमर फोरम में 1 करोड़ रुपए तक के केस जा सकेंगे । स्टेट कमीशन में 1 करोड़ से 10 करोड़ और नेशनल कमीशन में 10 करोड़ रुपए से ऊपर के मामलों की सुनवाई हो सकेगी ।
कंज्यूमर के तौर पर क्या हैं आपके अधिकार :
• खतरनाक चीजों की मार्केटिंग से सुरक्षा ।
• जरूरत के मुताबिक खरीदारी का हक ।
•प्रोडक्ट के बारे में सही जानकारी ।
• क्वॉलिटी, शुद्धता, कीमत वगैरह ।
• कंपिटिटिव कीमतों पर चुनने का हक ।
•मोनोपोली में भी उचित कीमत, क्वॉलिटी ।
• बुनियादी चीजें हासिल करने का अधिकार ।
•हितों को लेकर सुने जाने का अधिकार ।
• शिकायत का न्यायपूर्ण निवारण पाना ।
• कंज्यूमर अधिकारों की जानकारी ।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•

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