√•मुंबई में बड़ी धूमधाम से मनाया गया संगीत उत्सव और सेमिनार,भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय और कुमार गंधर्व फाँउडेशन तत्वावधान में हुआ -हिन्दुस्तानी संगीत में साहित्य का महत्व -भाग 2 -/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√•मुंबई में बड़ी धूमधाम से मनाया गया संगीत उत्सव
और सेमिनार,भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय और कुमार गंधर्व फाँउडेशन तत्वावधान में हुआ -हिन्दुस्तानी संगीत में साहित्य का महत्व -भाग 2 -/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई 】मुंबई के उपनगर के मैसूर सभागार में बड़ी धूमधाम से मनाया गया संगीत उत्सवऔर सेमिनार । यह कार्यक्रम भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय और कुमार गंधर्व फाँउडेशन, मुबंई के तत्वावधान में "हिन्दुस्तानी संगीत में साहित्य का महत्व भाग 2" तथा संगीत उत्सव मनाया गया था । समारोह का शुभारंभ नजीर उपाध्ये के दीप प्रज्वलन से हुआ था ।
कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक डा. परमानन्द यादव ने राग भूपाली में मोतियन माला तोड़ दई री, राग गौड़ मल्हार में सूरदास का पद उठी- उठी सखी सब मंगल गाई, राग मांड में कबीर का पद नईहरवा हमका न भावे, तथा राग भैरवी में रैदास का पद गाई- गाई अब का कहिगाउँ की खूबसूरत प्रस्तुति दी थी ।
कामिनी जैसवाल, सुखबीर कौर, अंजन कुमार, पंडित अमरेन्द्र धनेश्वर ने सोदाहरण व्याख्यान देकर श्रोताओं को रोमांचित किये । वर्धा से लाईव डा.ओमप्रकाश भारती तथा भाग्यश्री राउत ने भी समारोह को संबोधित किया था ।
अंत में वाराणसी से पधारे मशहूर कहानीकार रामजी यादव ने भी साहित्य और संगीत के अंर्तसंबधों पर गहन प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर तबले से मनोज देशमुख, हारमोनियम से सुमीत राउत तथा तथा तानपुरों पर अनुज शर्मा एवं सुनीता चौहान ने मधुर संगति की । प्रमिला शर्मा ने बहुत ही साहित्यिक अंदाज में समारोह का संचालन किया ।
ट्रस्टी चंद्रावती यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया । संजीत यादव और कवि/ पत्रकार रवि यादव ने समारोह को गरिमामय बनाने में महत्व की भूमिका निभाई थी । संगीत, साहित्य, कला, पत्रकारिता, सिनेमा से जुड़े प्रमुख लोग उपस्थित रहे थे । 【Photos by MCP】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•

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