√• मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए गए परमबीर सिंह, BJP शिवसेना पर हुई हमलावर/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

√• मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए गए परमबीर सिंह, BJP शिवसेना पर हुई हमलावर/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई



【मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई 】आईपीएस परमबीर सिंह को पद संभालने के करीब एक साल बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया था।  सिंह की जगह हेमंत नगरले ने ये जिम्मेदारी संभाली हैं । 1988 बैच के आईपीएस परमबीर सिंह ने 29 फरवरी 2020 को आईपीएस अधिकारी संजय बरवे की जगह इस पद की जिम्मेदारी मिली थी । परमबीर सिंह का ट्रांसफर कर दिया है । उनकी तैनाती अब डीजी होम गार्ड के तौर पर की गई है । जानकारी के अनुसार शहर के एक पॉश इलाके में मिले विस्फोटक से भरे वाहन रखने में मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की कथित संलिप्तता के कारण सिंह को पद से हटाया गया था। वाझे को 25 मार्च तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया था ।

परमबीर सिंह हाल ही में कथित टीआरपी घोटाले का पर्दाफाश करने के प्रकरण में खबरों में रहे थे । जिसमें कि लोगों से टीआरपी बढ़ाने के लिए घरों पर एक निश्चित चैनल लगाए रखने की बात सामने आई थी । इस घोटाले में करीब 5 न्यूज और एंटरटेनमेंट चैनलों पर ज्यादा विज्ञापन पाने के लिए टीआरपी में हेर-फेर करने का आरोप लगा था । परमबीर सिंह इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो में बतौर डीजी के पद पर तैनात थे । इसके अलावा वह ठाणे के कमिश्नर के पद पर भी रह चुके थे ।
वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के मामले पर शिवसेना पर कई आरोप लगाए हैं ।फडणवीस ने कहा कि सचिन वाझे को लेकर शिवसेना ने दबाव बनाया था । उन्होंने कहा कि मुंबई में राजनीति का अपराधीकरण हुआ है । फडणवीस ने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल में वाझे की नौकरी बहाल नहीं की थी, लेकिन साल 2020 में शिवसेना ने कोरोना का बहाना बनाकर वाझे को वापस बहाल कर दिया था। फडणवीस ने कहा कि मैंने वाझे की पूरी रिपोर्ट पढ़ी थी । वाझे को शिवसेना ने अहम विभाग दिया था ।उनके शिवसेना नेताओं से कारोबारी रिश्ते रहे । मुंबई पुलिस में कमिश्नर के बाद वाझे का पद महत्वपूर्ण था ।
मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह का तबादला कर दिया  गया है।  अब परमबीर सिंह को डीजी होमगार्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके रिक्त स्थान पर हेमंत नगराले को मुंबई पुलिस का कमिश्नर बतौर नियुक्त किया गया है। नगराले ने पद की जिम्मेदारी मिलते ही उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को संभाल लिया था । महाराष्ट्र के होम मिनिस्टर अनिल देशमुख ने परमबीर सिंह के ट्रांसफर के बारे में शोशल मीडिया ट्विटर पर ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी थी। देश के मशहूर उधोगपति मुकेश अंबानी के बंगले के बाहर मिली संदिग्ध कार के मामले में एनआईए की ओर से असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद कमिश्नर को हटाने का फैसला लिया गया था। वाझे को अरेस्ट किए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने वाजे को सस्पेंड भी कर दिया था। ऐसे में परमबीर सिंह के तबादले को भी इस मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वाझे को बीते साल 16 वर्षों का निलंबन समाप्त करा कर फिर से मुंबई पुलिस में प्रवेश करवाया गया था । इस वाझे को पुलिस विभाग में वापस लाने में परमबीर सिंह का पूरा योगदान रहा है, ऐसा माना जाता है। दरअसल वह उस रिव्यू कमिटी का हिस्सा थे, जिसकी सिफारिश पर सचिन वाझे को फिर से पुलिस विभाग में लाया गया था।
मुकेश अंबानी के बंगले एंटीलियाके पास से विस्फोटक भरी कार बरामदगी के मामले के बीच बुधवार 17 मार्च को आघाडी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का तबादला कर दिया था । परमबीर की जगह पर मुंबई पुलिस के सुपरकॉप हेमंत नगराले की नियुक्ति की गई थी। इस सुपर कोप हेमंत नगराले शेयर बाजार का मशहूर बिग बूल हर्षद मेहता और केतन पारेख का शेयर बाजार कांड,  मुंबई में साल 2008 में हुए आतंकी हमले समेत दूसरे कई प्रमुख कांडों की तहकीकात में अपना  हिस्सा दर्ज करा चुके है। उन्होंने अपनी करियर में कई बड़े कांड, किस्से बडी कुशलता सुलझा दिए थे, इसके मद्देनजर उनकी गिनती स्मार्ट पुलिस अधिकारियों में की जाने लगी। नगराले महाराष्ट्र कैडर के साल 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में प्रारंभिक शिक्षा पुरी करने के बाद उन्होंने नागपुर के पटवर्धन सिंह हाईस्कूल में आगे की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने नागपुर के वीआरसीई से ही बैचलर की पढ़ाई की और मुंबई के जेबीआईएमएस से पोस्ट ग्रैजुएशन किया।
हेमंत नगराले की काबिलियत को देखते हुए उन्हें अपनी केरियर की शुरुआत में नक्सल प्रभावित इलाके चंद्रपुर जिले में नियुक्त किया गया। उन्होंने यहां पर तीन साल तक (1989-92) तक काम किया और कई नक्सलियों का सफाया कर दिया था। उसके पश्चात उन्हें नई जिम्मेदारी के तौर पर सोलापुर में बतौर डीसीपी नियुक्ति की गई थी । साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ तो उन्होंने सोलापुर में दंगों की आंच नहीं आने दी ।सोलापुर संभालकर रखा । नगराले ने सीआईडी में साल 1996-98 के बीच में बतौर एसपी, क्राइम कार्यभार संभाला था । उसी वक़्त एमपीएससी पेपर लीक केस की तहकीकात की जिम्मेदारी भी संभाली थी । हेमंत नगराले की काबिलियत को देखते हुए उन्हें सीबीआई के डेप्यूटेशन पर भेजा गया था । उन्होंने वहां मार्च 1998 से लेकर सितंबर 2002 तक काम किया और बतौर एसपी बीएसएफसी, सीबीआई, मुंबई में पोस्टेड रहे थे । इसके अलावा उनकी पोस्टिंग नई दिल्लीसीबीआई में बतौर डीआईजी भी हुई थी।
सचिन वझे गिरफ्तारी मामले के एक दिन के ही बाद मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह पर गाज गिरी थी। बुधवार को उन्हें मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटा दिया गया था। अब उन्हें होमगार्ड मंत्रालय में तैनात किया गया है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। परमवीर की जगह पर हेमंत नागराले को मुंबई का नया कमिश्नर बनाया गया था।
【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Metro City Post•News Channel•

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