√• भीमा कोरेगांव केस में स्टेन स्वामी को जमानत नहीं, कोर्ट ने कहा- सरकार गिराने के लिए माओवादियों के साथ मिलकर रची साजिश / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
√• भीमा कोरेगांव केस में स्टेन स्वामी को जमानत नहीं, कोर्ट ने कहा- सरकार गिराने के लिए माओवादियों के साथ मिलकर रची साजिश / रिपोर्ट स्पर्श देसाई
एल्गार परिषद-माओवादी संबंधों के मामले में 83 वर्षीय जेसुइट पादरी और कार्यकर्ता स्टेन स्वामी को जमानत देने से इनकार करने वाली एनआईए की विशेष अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया लगता है कि स्वामी ने देश में अशांति पैदा करने और सरकार को गिराने के लिए प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्यों के साथ मिलकर गंभीर साजिश रची थी । 22 मार्च को स्वामी की याचिका खारिज करने वाले विशेष न्यायाधीश डीई कोथलकर ने कहा कि उनका आदेश रिकॉर्ड पर लाई गई सामग्री पर आधारित है जिससे लगता है कि स्वामी प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्य हैं. उनका आदेश आज उपलब्ध हुआ है ।
कोर्ट ने जिस सामग्री का हवाला दिया है, उसमें करीब 140 ईमेल हैं जिनका स्वामी और उनके सहआरोपी के बीच आदान प्रदान हुआ है । तथ्य यह है कि स्वामी और अन्य लोगों के साथ उन्होंने संवाद किया, उन्हें कॉमरेड कह कर संबोधित किया गया है और स्वामी को मोहन नाम के एक कॉमरेड से माओवादी गतिविधियों को कथित रूप से आगे बढ़ाने के लिए 8 लाख रुपये मिले ।
न्यायाधीश कोथलकर ने अपने आदेश में कहा, प्रथम दृष्टया यह पाया जा सकता है कि आवेदक ने प्रतिबंधित संगठन के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पूरे देश में अशांति पैदा करने और सरकार को राजनीतिक रूप से और ताकत का उपयोग कर गिराने के लिए एक गंभीर साजिश रची थी । आदेश में कहा गया है, रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि आवेदक न केवल प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) का सदस्य था बल्कि वह संगठन के उद्देश्य के मुताबिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा था जो राष्ट्र के लोकतंत्र को खत्म करने के अलावा और कुछ नहीं है । 【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•

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